प्लास्टिक के लिफाफों से पैदा होने वाले प्रदूषण से बचाव व वातावरण को साफ सुथरा रखने के लिए नगर निगम मोगा व पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने स्टार्च (मक्की व आलू) से बने लिफाफों का प्रयोग जरूरी कर दी है। कमिश्नर नगर निगम जगविंदरजीत सिंह ग्रेवाल द्वारा नगर निगम व पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की बैठक के दौरान स्टार्च से बने लिफाफों (कैरी बैग्ज) को जारी किया गया।
जगविंदरजीत सिंह ने बताया कि मुहिम के दौरान किसी भी दुकानदार से पकड़े गए प्लास्टिक के लिफाफे उस दुकानदार को वापस नहीं किए जाएंगे, बल्कि उनको नष्ट करने के लिए पटियाला में भेजा जाएगा और संबंधित दुकानदार से बनता जुर्माना भी वसूल किया जाएगा। प्लास्टिक से बने न गलने वाले लिफाफे हमारे वातावरण के लिए बड़ी समस्या बन चुके हैं। जहां एक तरफ प्लास्टिक से बने लिफाफे प्रदूषण पैदा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यह सीवरेज में फंसकर जाम करने का कारण बनते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वह प्लास्टिक के लिफाफों की जगह पर स्टार्च से बने लिफाफों का ही प्रयोग करें। इस अवसर पर एसडीओ पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड कुलदीप सिंह ने बताया कि भारत सरकार द्वारा चार विदेशी कंपनियों से स्टार्च से बने कैरी बैग्ज को तैयार करने के लिए समझौता किया गया है। स्टार्च से बने लिफाफे लगभग 6 माह के अंदर ही मिट्टी व हवा के संपर्क में आने से गल जाते हैं और इनका वातावरण पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता।
कमिश्नर नगर निगम जगविंदरजीत सिंह व पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की बैठक दौरान स्टार्च से बने लिफाफों को जारी करते हुए।