भास्कर संवाददाता | कोटकपूरा
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा अमर नगर में मोगा रोड पर स्थित आश्रम में सत्संग करवाया गया। इस दौरान दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की प्रचारक साध्वी रितु भारती ने कहा कि मनुष्य को लगता है कि वह जो चाहता है वह प्राप्त हो जाएगा तो सुख मिलेगा किंतु कामनाओं का कोई अंत नहीं है। एक पूरी होती है दूसरी प्रबल होने लगती है।
सुख का संबंध मन से है किंतु कामनाओं का नहीं। कामनाएं मनुष्य अपने मन से नहीं निकाल सकता। कामनाओं का संबंध काम, क्रोध, लोभ, मोह व अहंकार से होता है। कामनाओं से मनुष्य के अंदर प्रतिस्पर्धा और ईर्ष्या बढ़ने लगती है जिसका परिणाम मनुष्य में विकारों और ईर्ष्या द्वेष को बढ़ाने लगती हैं। एक विकार से दूसरा विकार उत्पन्न होता है। लोभ है तो अहंकार बढ़ने लगता है, क्रोध आयेगा तो काम बढ़ने लगता है। मनुष्य को यह सारे विकार बंदी बनाकर रखते हैं। ऐसे में मनुष्य दुखी व असहाय रहता है। अपने जीवन में कभी भी संतुष्टि और शांति का एहसास नहीं कर पाता। साध्वी ने बताया जब मनुष्य के जीवन में सच्चे गुरु आएंगे तो वह ज्ञान के माध्यम से ईश्वर के साथ जुड़ सकता है। यह केवल ब्रह्म ज्ञान के माध्यम से ही हो सकता है। इस कार्यक्रम के दौरान संस्थान की बहनों से भजन द्वारा संगत को प्रभु चरणों से चित लगाने की प्रेरणा दी। इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
प्रवचन करतीं साध्वी रीतू भारती।
कोटकपूरा में आयोजित सत्संग में उपस्थित श्रद्धालु।