पंजाब के सरकारी स्कूलों में पिछले तीन सालों से भी अधिक समय से अपनी सेवाएं देकर कम वेतन पर काम कर रहे 5178 अध्यापक यूनियन की बैठक नेचर पार्क में हुई। बैठक की अध्यक्षता करते यूनियन के जिलाध्यक्ष गुरमीत सिंह ने कहा कि 27 अप्रैल को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ सांझा अध्यापक मोर्चा की बैठक हुई थी। बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा अध्यापकों की मांगों को सुना गया था। लेकिन किसी तरह का कोई फैसला नही लिया। अब चार जून को मुख्यमंत्री के साथ यूनियन की होने वाली बैठक में मुख्यमंत्री से मांग की जाती है कि 5178 अध्यापक यूनियन के पिछले तीन वर्षों से राज्य के अलग अलग स्कूलों में अपनी सेवाएं देकर बच्चों को शिक्षित कर रहे है। उन अध्यापकों को रेगुलर करने के साथ अन्य रेगुलर अध्यापकों की तरह वेतन व सहूलियतें दी जाएं। अपनी मांगों को लेकर पिछले दिनों संघर्ष कर रहे अध्यापकों पर जो झूठे पर्चे पुलिस द्वारा दर्ज किए गए है। उन पर्चों को बिना शर्त रद्द किया जाए। अगर 4 जून को मुख्यमंत्री के साथ अध्यापकों की होने वाली बैठक में कोई ठोस फैसला नही आता तो मजबूरन समूह अध्यापक यूनियन को संघर्ष का रूख अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
नेचर पार्क में बैठक करते 5178 अध्यापक यूनियन के सदस्य।