पंजाब के बिजली मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अपनी ही दो विरोधाभासी बातों से फंस गए। आखिर में अपने को फंसा महसूस करते हुए कांगड़ ने समागम में भाग लेने की बात कह प्रेस कांफ्रेंस समाप्त कर दी। रविवार को मोगा के गुरुद्वारा विश्वकर्मा भवन में सिख जरनैल जस्सा सिंह रामगढ़िया के 295वें जन्म दिवस के उपलक्ष्य में रखे गए समागम में प्रधानगी करने पहुंचे बिजली मंत्री पंजाब गुरप्रीत सिंह कांगड़ ने पहले प्रेस कांफ्रेस की। उन्होंने कहा कि अब किसानों के खाते में आएगी बिजली सब्सिडी और यह कार्य इस धान के सीजन के दौरान गुरदासपुर जिले से शुरू होगा।
प्रेस कांफ्रेंस में कांगड़ ने फिर धान के सीजन के दौरान किसानों को 8 घंटे लगातार बिजली देने के पंजाब सरकार के दावे को दोहराया। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि पावरकाॅम में रिक्त पड़े 3850 पदों को जल्द भर दिया जाएगा। जब किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी को जारी रखने संबंधी सवाल कांगड़ से पूछे गए तो जवाब में उन्होंने कहा कि किसानों को बिजली का बिल देना होगा परंतु उनके बिल की राशि सरकार की ओर से उनके खाते में डाली जाएगी, जिसे किसान पावरकाॅम को देंगे। ऐसे में किसानों को बिजली मुफ्त ही मिलेगी। कांगड़ ने दावा किया कि सरकार ऐसा इसलिए करने जा रही है ताकि किसान पानी का इस्तेमाल संयम के साथ कर सकें। कांगड़ ने कहा कि बिल आने के चक्कर में किसान पानी का जरुरत मुताबिक ही इस्तेमाल करेंगे। इससे पहले शहर की आईटीआई में बिजली के कटे कनेक्शन की बात भी उनके ध्यान में लाई गई तो उन्होंने इस मामले को देखने व जल्द हल कराने का भी आश्वासन दिया। इस समय उनके साथ मोगा से कांग्रेस के विधायक डाॅ. हरजोत कमल, जिला अध्यक्ष कर्नल बाबू सिंह व अन्य कांग्रेसी नेता भी उपस्थित थे।
पहले भूमिगत पानी बचाने फिर 50 हजार नए मोटर कनेक्शन देने की बात करने लगे
मोगा में प्रेस कांफ्रेंस करते बिजली मंत्री गुरप्रीत सिंंह कांगड़। साथ में अन्य कांग्रेसी नेता।
धनाढ्य किसानों को बिजली सब्सिडी छोड़ने पर बोले- जाखड़ साहब बिजली सब्सिडी छोड़ चुके हैं, पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल को भी सब्सिडी छोड़नी चाहिए
कांगड़ से पूछा गया कि मुख्यमंत्री ने धनाढ्य किसानों को बिजली सब्सिडी छोड़ने की अपील की थी। कांग्रेस के कितने नेताओं ने अब तक इसे छोड़ा है तो उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार जाखड़ साहब बिजली सब्सिडी छोड़ चुके हैं। साथ ही कांगड़ बोले कि बादल सब से बड़े धनाढ्य किसान हैं और उनकी 100 मोटरें चल रही हैं। सबसे पहले उन्हें सब्सिडी छोड़नी चाहिए।
नए मोटर कनेक्शन देने से भूमिगत पानी की बचत हाने की बजाय बर्बाद होगा तो कांगड़ असमंजस में पड़ गए
किसानों को इस बार कितने नए ट्यूबवैल के कनेक्शन दिए जाएंगे। यह पूछने पर कांगड़ ने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार ने किसानों को ट्यूबवैल के नए कनेक्शन ना देकर उनके साथ ज्यादती की है। अब हम इस धान के सीजन में 50 हजार नए कनेक्शन देंगे। जब कांगड़ का ध्यान पानी बचाने संबंधी बयान के बाद दूसरी ओ राज्य में नए टयूबवैल कनेक्शन देने की बात पर दिलाया गया जाे कि दोनों विरोधाभासी हैं। क्योंकि अगर राज्य में 50 बजार नए बोर होेंगे तो उनसे साल भर में हर साल 1000 लाख गैलन पानी का दोहन होगा। इससे भूमिगत पानी बचने की बचाए बर्बाद होगा तो कांगड़ असमंजस में पड़ गए। उन्होंने कहा कि जरुरतमंद किसानों को तो कनेक्शन देना ही चाहिए। इसके बाद प्रेस कांफ्रेस समाप्त कर वो समागम में शामिल होने के लिए निकल गए।