पिछले पांच दिनों से मांगों को लेकर जिला परिषद कार्यालय के बाहर हड़ताल पर बैठे मनरेगा कर्मचारियों ने शुक्रवार को शहर में रोष रैली निकालकर विधायक डॉ. हरजोत कमल को पंचायत विभाग व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की घोषणा वीरवार को धरने में की थी। लेकिन शुक्रवार को मनरेगा कर्मियों ने एडीसी (विकास) राजेश त्रिपाठी के साथ बैठक करने के मिले आश्वासन पर शहर में रोष रैली निकालकर प्रदर्शन करने को बेशक स्थगित कर दिया । लेकिन जिला परिषद के बाहर धरने को जारी रखा। शुक्रवार को मांगों को लेकर एडीसी विकास के साथ मनरेगा कर्मियों की तीन बार बैठक हुई। लेकिन मांगों पर सहमति नही बनी। जिसके चलते अब सोमवार को मनरेगा कर्मी बैठक कर नए संघर्ष का ऐलान करेंगे। धरने पर बैठे मनरेगा कर्मियों को संबोधित करते जिलाध्यक्ष कुलविंदर सिंह ने कहा कि मनरेगा स्कीम के तहत काम करते सभी मुलाजिमों का एकसार एक वर्ष के लिए बढ़ोत्तरी की जाए, कम प्रोग्रेसिव का बहाना बनाकर नौकरी से निकाले मुलाजिमों को तुरंत बहाल किया जाए, पैट्रोल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए ट्रैवल भत्ता 900 रुपए से बढ़ाकर तीन हजार रुपए किया जाए तथा सारे मुलाजिमों का वेतन में 300 प्रतिशत बढ़ोत्तरी की जाए। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगों की ओर ध्यान न दिया तो संघर्ष को और तीव्र किया जाएगा।
जिला परिषद दफ्तर के बाहर धरना लगाकर प्रदर्शन करते मनरेगा कर्मी।