बुजुर्गों को परिवार का हिस्सा बनाएं : सुनील
डॉ.सैफुद्दीन किचलू सीनियर सेकेंडरी स्कूल के चेयरमैन सुनील गर्ग एडवोकेट ने पेरेंट्स से मार्मिक अपील की, अगर वे बच्चों को समय नहीं दे सकते हैं, तो उन्हें उनकी दुनिया, दादा-दादी का संसार लौटा दो। स्कूल में पिछले लगभग एक सप्ताह से बच्चों की फीलिंग्स को जानने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत टीचर्स ने बच्चों से जानने की कोशिश की कि वे परिवार में सबसे ज्यादा किसके नजदीक रहना चाहते हैं, किसे ज्यादा प्यार करते हैं, दादा-दादी के बारे में बच्चों की सोच क्या है? टीचर्स ने बच्चों से ये बातें जानने की कोशिश की तो तमाम एसी बातें सामने आईं, जिसने साफ कर दिया कि बच्चे आज किस प्रकार से मां-बाप का क्वालिटी टाइम न मिलने के कारण अभावों में जीते हैं, सिंगल फेमिली में सिमटते जा रहे परिवारों में उन्हें दादा-दादी का प्यार भी नहीं मिल पाता है।
स्कूल परिसर में बुधवार को बच्चों से मिली फीड बैक के आधार पर चेयरमैन ने बच्चों के साथ स्कूल स्टाफ के साथ भी चर्चा की। पेरेंटस कामकाजी जिंदगी में अगर वे खुद बच्चों को समय नहीं दे सकते हैं, तो कम से कम परिवार के बुजुर्गों को परिवार का ही हिस्सा बनाएं, ताकि बच्चे उनके बीच रहें। एेसा हो तो बच्चों को अभावों का जीवन ही नहीं जीना होगा, उल्टा बच्चों का संस्कारों से भी नाता जुड़ेगा। आज समाज में तमाम बुराइयों का कारण यही है कि बच्चे परिवार से कुछ नहीं सीख पाते, बाहर से सीखते हैं तो वो जैसा होगा, वैसा ही उनका जीवन होगा।
डीन मलकीत सिंह ने इस सफल चर्चा के लिए पूरे स्टाफ व प्रबंधन का धन्यवाद करते हुए कहा कि जल्द ही पेरेंट्स सेशन बुलाकर बच्चों की फीलिंग्स को उनके मां-बाप तक शेयर करेंगे, ताकि वे उसमें सुधार लाकर अपने बच्चों के भविष्य को सुनहरा बनाने में मददगार साबित हो सकें।
समारोह
स्कूल में एक सप्ताह से बच्चों की फीलिंग्स को जानने के लिए चलाया जा रहा अभियान
डॉ. सैफूदीन किचलू स्कूल के समागम में मौजूद बच्चे।