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श्रीमद् भागवत कथा का फल तभी मिलेगा जब उसे जीवन में धारण करें : पं. सूर्यकांत

3 वर्ष पहले
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जीवन में शांति पाने के लिए क्रोध पर काबू पाना सीखें, जिसने जीवन से समझौता करना सीख लिया उस पर परमात्मा की कृपा हमेशा बरसती रहेगी। उक्त बातें शिवाला मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठें दिन प्रवचन के दौरान सूर्यकांत शास्त्री ने कही।

आचार्य सूर्यकांत ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा सुनने व सुनाने का अर्थ है कि हमारे भीतर बदलाव आए आज हम कथा सुनकर घर में चले जाते हैं। लेकिन कथा सुनने के बाद फल की प्राप्ति तभी होगी जब हम अपने जीवन के भीतर बदलाव लाकर बड़ों की सेवा, माता-पिता का सम्मान व आर्थिक तंगी से मजबूर लोगों का सहारा बनेंगे। हमें मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम व भगवान कृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेकर आदर्श जीवन जीना चाहिए।

कथा से पहले मंदिर के पुजारी अक्षय शर्मा की अध्यक्षता में यजमान पूर्व विधायक जोगिंदरपाल जैन, समाज सेवी हरीश धीर, अश्वनी सिंगला सहित अन्य श्रद्धालुओं ने भागवत पूजन किया। पं. जी ने बताया कि 8 अप्रैल तक चलने वाली इस कथा में भगवान कृष्ण जन्मोत्सव भी मनाया जाएगा। कथा उपरांत भजन गायिका राजश्री शर्मा ने मेरा छोटा सा संसार हरी आ जाओ एक बार.. छोटी-छोटी गइयां छोटे-छोटे ग्वाल भजनों से भक्ति रस बिखेरा। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं द्वारा भागवत ग्रंथ की आरती करके प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर जनार्दन शर्मा, मोहित, शरीम शर्मा, दीपक, श्रीकांत, शेखर आदि उपस्थित थे।

शिवाला मंदिर में भागवत कथा के दौरान प्रवचन सुनतीं महिलाएं।

राम नाम का जाप करने से सभी कष्टों का निवारण हो जाता है : प्रदीप बजाज
प्रार्थना सभा में प्रवचन करते संचालक प्रदीप बजाज।

भास्कर संवाददाता | मोगा

श्रीराम शरणम् आश्रम में वीरवार रात्रि प्रार्थना सभा करवाई गई। इस दौरान स्वामी सत्यानंद जी महाराज व भगत हंसराज जी महाराज के पावन दरबार में सैकड़ों साधकों ने श्रीराम नाम का जाप करके भजनों का गायन किया। भजन गायक टिंकू बजाज ने सुनी मालिका मेरी कूक पपीहे वाली..पाईयां तेरे दर तो मैं रहमतां हजारां शुक्र गुजारा तेरा शुक्र गुजारा..., आशा अरोड़ा ने गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद.. भजनों से भक्ति रस बिखेरा। सत्संग संचालक प्रदीप बजाज ने प्रवचन के दौरान कहा कि सत्संग में हमें अपने बच्चों को भी साथ लाना चाहिए क्योंकि बच्चों को हम जैसे संस्कार देंगे वैसे ही वह बड़ा होकर कार्य करेगा। सत्संग में बैठकर राम नाम के मूलमंत्र का जाप करने से सभी कष्टों का निवारण हो जाता है।

श्रीराम शरणम् आश्रम में प्रार्थना सभा करवाई

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