कोटइसेखां -मक्खू रोड स्थित गांव दौलेवाला हाइवे पर तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की चपेट में आने से बाइक पर सवार एक युवक व 15 साल के किशोर की मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल से चंद कदमों की दूरी पर पुलिस चौकी दौलेवाला बनी हुई है। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को हादसे की जानकारी देने के बाद शवों को सरकारी अस्पताल के पोस्टमाटर्म के लिए रखवा दी गई है।
मक्खू के गुरुद्वारा बाबा जोरावर सिंह व फतेह सिंह के मुख्य मुखी संत बाबा हरचंद सिंह ने बताया कि 15 साल के जगराज सिंह उर्फ काली को आठ साल पहले उसकी नानी उनके पास छोड़ गई थी। किशोर के माता पिता, दादी व नानी की पांच साल पहले मौत के बाद से वह अनाथ होने के चलते वह ही उसके माता-पिता की तरह देखभाल कर रहा था।
शुक्रवार की शाम को साढ़े सात बजे गुरुद्वारा साहिब का सेवादार व मोबाइल कंपनी के टावर पर काम करने वाला गुरप्रीत सिंह बाइक लेकर वहां आया तथा उसने कहा कि वह जगराज को अपने साथ बाइक पर ले जा रहा है। उसने टावर पर चार हजार किसी को देने जाना है। कुछ देर बाद पुलिस ने फोन पर जानकारी दी की सड़क हादसे में गुरप्रीत सिंह व जगराज सिंह की मौत हो गई।
तरनतारन के गांव रतोलके निवासी रसौल सिंह ने बताया कि 26 साल के गुरप्रीत सिंह की शादी उसकी बेटी कंवलजीत कौर के साथ तीन साल पहले हुई थी। शादी के बाद एक बेटी हुई। उसका दामाद गुरप्रीत सिंह तरनतारण में मोबाइलों वाले टावर पर नौकरी करता था। शुक्रवार की सुबह वह बाइक से ड्यूटी पर चला गया था। और देर रात को पुलिस के जरिए सूचना मिली की उसकी सड़क हादसे में मौत हो गई है। शादी के बाद वह अपने ससुराल गांव रतौके में परिवार के साथ रहता था। जबकि उसके माता-पिता तरनतारण के गांव शेरो में रहते है। रसौल सिंह ने बताया कि उसका दामाद शादी से पहले मक्खू के गुरुद्वारा बाबा जोरावर सिंह व फतेह सिंह में रहता था। वह बचपन से ही वहां रह रहा था। लेकिन शादी के बाद ससुराल घर रहने लगा था।
एएसआई जसवीर सिंह ने बताया कि अज्ञात वाहन की चपेट में आने से 26 साल के युवक व 15 साल के किशोर की मौत हुई है। दोनों एक ही धार्मिक स्थल पर रहने के चलते उनकी आपस में जान पहचान थी। मृतकों के परिजनों के बयान पर 174 की कारवाई करते हुए शवों का रविवार को पोस्टमाटर्म करवाकर परिजनों को सौंप दिया जाएगा।