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पुलिस को संदेह-गुरद्वारे में कुछ गलत काम होते देखना या किसी से अवैध संबंध भी हो सकती है जगरूप सिंह की हत्या की वजह

3 वर्ष पहले
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रविवार को गांव चुहड़चक में 55 वर्षीय जगरूप सिंह उर्फ रूप की बेरहमी से हुई हत्या के मामले में अजीतवाल पुलिस प्रॉपर्टी, नशेड़ियों व अवैध संबंध इन तीन पहलुओं पर काम कर ही रही थी। अब पुलिस दो और बिंदुओं पर भी काम कर रही है, जिसमें गुरद्वारा से जुड़ी कोई घटना हो सकती है। डेढ़ एकड़ के मालिक इस अधेड़ के पास इतना ज्यादा कैश नहीं रहता था, जिससे नशेड़ी लूट की नीयत से कत्ल करते और प्रॉपर्टी के लिए भी इतनी निर्मम हत्या संभव नहीं। ऐसे में पुलिस अवैध संबंधों के साथ ही अब इन दो बिंदुओं पर भी आगे बढ़ रही है, जिसमें या तो यह हो सकता है कि कि गुरुद्वारा में अधेड़ ने कुछ ऐसा गलत होते देख लिया हो या गुरद्वारा में उसके किसी औरत से अवैध संबंध बन गए हों। हालांकि इस बात का खुलासा पुलिस अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर नहीं किया है परंतु पुलिस सूत्रों के अनुसार ऐसा संभव है कि जगरूप सिंह के गांव में किसी औरत के साथ अवैध संबंध न हो परंतु गुरद्वारा में बन गए हों क्योंकि वह हर रोज सुबह 9 से रात 9 बजे तक गुरद्वारा साहिब में ही रहता था।

वर्णनीय है कि गांव चूडचक्क में घर में सो रहे 55 साल के जगरूप सिंह को अज्ञात हमलावरों ने तेजधार हथियारों से वार कर रविवार को बेरहमी से कत्ल कर दिया था। हत्यारों ने पहले उसका गला रेता, बाद में शरीर के अन्य हिस्सों में प्रहार कर हत्या को अंजाम दिया था। मृतक जगरूप कुंवारा था, उसके पास पौने दो एकड़ जमीन व अपना मकान था।

ग्रामीणों ने लूट और गांव में अवैध संबंध की आशंका को किया खारिज गांव वासियों का कहना है कि जगरूप सिंह को अपनी जमीन से 40 हजार रुपए सालाना ठेका मिलता था। वह इस पैसे को बैंक में रखता था और जरूरत पड़ने पर 1000 रुपए तक की राशि ही निकालता था। इससे ज्या नहीं, क्योंकि कपड़े व रोटी की जरूरतें उसकी गुरुद्वारा से पूरी हो जाती थीं। इसलिए अपने पास कैश कम रखता था, इससे लूट व नशेड़ियों की हरकत को खारिज किया जा सकता है। बेशक जगरूप सिंह शादीशुदा नहीं था परंतु गांव में उसके सदाचार के हर कोई गुणगान कर रहा है। उसे दरवेश कहा जा रहा है। दिन भर गांव में भी नहीं रहता था। रात को 9 बजे सोने आता था और सुबह साइकिल पर फिर से गुरुद्वारा की ओर चला जाता था। ऐसे में गांव में अवैध संबंधों को भी खारिज किया जा सकता है।

पुलिस की थ्यूरी यह है

पुलिस सूत्रों के अनुसार गांव में या गुरद्वारा साहिब में उसके किसी औरत से अवैध संबंध बन गए हों इस थ्यूरी से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस बिंदू पर जांच हो रही है।

अगर वह भक्त किस्म का इंसान था तो इससे भी इंकार नहीं किया जा सकता कि उसने गुरुद्वारा में कुछ गलत होते देख लिया हो और उन्होंने इसकी बेरहमी से हत्या करा दी हो।

एक्सपर्ट की राय | सीनियर एडवोकेट इकबाल सिंह ने कहा कि प्रॉपर्टी व लूट के मामले में हत्यारे बार-बार वार करके बेरहमी से हत्या नहीं करते। ऐसे में पुलिस बाकी पहलुओं पर ठोस कार्रवाई करे तो आरोपी जल्द पकड़ में आ सकते हैं।

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