फेज-9 में क्लीनिक और फेज-1 में शार्ट सर्किट से ठेके को लगी आग
फेज-9 स्थित एचएल 211 में शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 4 बजे फर्स्ट फ्लोर पर डॉक्टर और उनके परिवार की नींद तब खुल गई, जब ग्राउंड फ्लोर पर लगी आग का धुआं ऊपर पहुंचा। जैसे ही तड़के आग का धुआं ऊपर पहुंचा तो डॉक्टर दीपम बत्ता उठे और उन्होंने जब नीचे देखा देखा तो ग्राउंड फ्लोर से आग की लपटें निकल रही थी। इसके बाद वो तुरंत अंदर गए और परिवार को उठाकर वहां से भागने के लिए कहा। ग्रांउड फ्लोर पर भीषण आग लगी होने के कारण परिवार का भागना संभव नहीं था। इसके बाद परिवार के सदस्य टॉप फ्लोर पर गए और दीवार फांद कर पड़ोसियों के घर से होते हुए नीचे आए, जिसके बाद डॉ. दीपम ने आग लगने की जानकारी अपने भाई सेक्टर-38 निवासी हीतेश को दी। उसके बाद डॉ. दीपम ने फायरब्रिगेड को सूचना दी। कुछ समय में फायरब्रिगेड ने पहुंच कर आग पर काबू पाया।
शॉर्ट सर्किट से लगी आग: डाॅ. दीपम बत्ता फेज-9 के एचएल 211 में अपने परिवार के साथ फर्स्ट फ्लोर पर रहते हैं और ग्राउंड फ्लोर पर उन्होंने एक कैबिन बनाया हुआ है। यहां वो इमरजेंसी में पेशेंट्स को चेक करते हैं। डाॅ. दीपम ने बताया कि वीरवार रात वो ग्राउंड फ्लोर पर स्थित कैबिन से रात को साढ़े 12 बजे बिजली का मेन स्विच ऑफ करके फर्स्ट फ्लोर पर गए थे, लेकिन रात को तारों में स्पार्किंग के चलते शॉर्ट सर्किट हो गया। इसके चलते आग लग गई, लेकिन आधी रात को आग लगने के कारण आग का पता नहीं चला और आग काफी फैल गई, जिस कारण ग्राउंड फ्लोर पर पड़ा सामान जल गया।
शराब की 7 पेटियां जली
फेज-1 थाने की ओर जाते हुए मार्ग पर एमएआई के सामने बने शराब के ठेके में भी वीरवार देररात डेढ़ बजे आग लग गई। आग लगने का कारण साफ नहीं हो पाया, लेकिन आग लगने के कारण शराब की सात पेटियां जलकर खाक हो गई। आग लगने पर कारिंदे ने साथी को उठाया और फायरब्रिगेड को मामले की सूचना दी। फायरब्रिगेड ने पहुंच कर आग बुझाई