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कैप्टन और अंिबका की फोटो लगी एक एंबुलेंस रोककर 8 की रवाना

3 वर्ष पहले
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अकाली सरकार ने जिस तरह केंद्र से मिली एंबुलेंस पर पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल की फोटो लगाई थी, उसी तर्ज पर कैप्टन सरकार ने राज्यसभा सदस्य अंबिका सोनी के कोटे से दी गई एंबुलेंस पर कैप्टन अमरिंदर सिंह और अंबिका सोनी की फोटो लगाने की तैयारी की थी, लेकिन विपक्ष के विरोध से बचने के लिए 8 एंबुलेंस से तो यह फोटो हटा कर अंबिका सोनी का नाम हिंदी और इंग्लिश में लिख दिया गया, लेकिन एक एंबुलेंस पर कैप्टन और सोनी की फोटो लगी रह गई। उसे छोड़कर बाकी 8 एंबुलेंस को श्री आनंदपुर साहिब हलके के मोहाली, रोपड़, शहीद भगत सिंह नगर और होशियारपुर जिलों के लिए कैप्टन ने हरी झंडी दिखा कर रवाना कर दिया। इस एक एंबुलेंस को कार्यक्रम स्थल से दूर पंजाब हेल्थ सिस्टम काॅर्पोरेशन के पीछे छिपा कर रखा गया था। सरकार नेे फोटो लगाने की गलती को तो सुधार लिया, लेकिन सभी एंबुलेंस पर बड़े बड़े अक्षरों में राज्यसभा सदस्य अंबिका सोनी का नाम लिखा रहा। इसके लिए भी सांसद को केंद्र सरकार की ओर से जो कोटा दिया जाता है, उसका इस्तेमाल किया गया है।

श्री आनंदपुर साहिब सीट से लोकसभा चुनाव भले ही कांग्रेसी नेता अंबिका सोनी हार गई थीं, लेकिन उन्होंने राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद इस इलाके के लिए काम करने की बात को जहन में रखा। इसी के तहत उन्होंने देश का पहला ऐसा स्वास्थ्य प्रोजेक्ट जो लोगों को सीधा फायदा दे, एंबुलेंस के तौर पर लॉन्च किया है। उन्होंने अपने कोटे से मोहाली जिले को 2, रोपड़ को 3, शहीद भगत सिंह नगर को 3 व होशियारपुर जिले को 1 एंबुलेंस दी। यह सभी एंबुलेंस एसी हैं, जिनमें दो स्वास्थ्य कर्मचारी एक ड्राइवर मौजूद होगा। ऑक्सीजन के सिलेंडर के लिए अलग से जगह बनाई गई है। 8 एंबुलेंस फूलों से सजाई गई, जिसे राज्यसभा सदस्य अंबिका सोनी, सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म महिंद्रा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अंबिका सोनी ने कहा कि वे आने वाले समय में भी ऐसे कार्य हलके के लिए करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि अन्य सांसद क्या करते हैं, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। ज्ञात हो कि इस लाेकसभा हलके से लोगों ने अकाली सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा को विजयी बनाया है।

सीएम और सांसद की फोटो लगी एंबुलेंस को छिपाया...

अस्पताल में पार्किंग से परेशान हुए मरीज

यह कार्यक्रम लोकसभा हलके से संबंधित था, जिसका मुख्य कार्यक्रम मोहाली के सरकारी कॉलेज में रखा गया। कॉलेज के मुख्य मार्ग पर छोटा मंच बनाया गया। सीएम ने आना था, इसलिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध थे। गेट पर सुबह से पुलिस का पहरा था। सीएम को कोई परेशानी न हो, इसके लिए आम लोगों की गाड़ियां पार्क करने के लिए सिविल अस्पताल में पार्किंग का प्रबंध किया गया। इसका असर जहां अस्पताल में आने वाले लोगों पर पड़ा, वहीं कॉलेज के स्टूडेंट्स पुलिस पहरे में रहे। कॉलेज के अंदर आने-जाने के लिए पुलिस की मंजूरी का इंतजार करना पड़ रहा था। स्टूडेंट्स ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम है तो कॉलेज के सामने स्थित पंजाब हेल्थ सिस्टम काॅर्पोरेशन या कॉलेज के ग्राउंड में करते। उधर अस्पताल में वाहनों की पार्किंग के चलते लंबा जाम लगा रहा। जसबीर सिंह ने बताया कि वे बीमार को दिखाने लाए थे। अस्पताल में कार पार्किंग में ही 20 मिनट लग गए।

सीनियर डिप्टी मेयर को गेट पर रोका पुलिस ने...

नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर रिषभ जैन जैसे ही कॉलेज के गेट पर अपनी गाड़ी में पहुंचे तो उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। जैन ने बताया कि गेट पर एसएचओ बलौंगी की ड्यूटी थी। उनकी गाड़ी पर सीनियर डिप्टी मेयर की प्लेट लगी थी, फिर भी उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। जब एसएचओ काे कहा गया कि वे कांग्रेसी नेता हैं तो भी उन्होंने यह कह कर गाड़ी को अंदर जाने से रोक िदया कि जो भी हो, गाड़ी अंदर नहीं जाएगी। डिप्टी मेयर ने इसकी शिकायत डीआईजी रोपड़ और एसएसपी से करने की बात कहते हुए विधायक को भी इस बारे में जानकारी दी।

एक एंबुलेंस से सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और राज्यसभा सदस्य अंिबका सोनी की फोटो उतारी नहीं जा सकी। उसे पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉर्पोरेशन में छिपा दिया गया।

सिद्धू की वजह से मोहाली आया मेडिकल कॉलेज...

कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से कहा कि मोहाली में बनने वाला गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज जमीन की कमी के चलते बाहर जा रहा था। इसकी भनक जैसे ही विधायक बलबीर सिंह सिद्धू को लगी तो वे उनके पास आए और कहा कि जमीन वे देंगे और कॉलेज मोहाली में ही बनना चाहिए। वे जुझार नगर की 9 एकड़ जमीन कॉलेज के लिए देने का पंचायत से पास प्रस्ताव लेकर पहुंच गए, जिसने काम को और आसान कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर सिद्धू यह काम नहीं करते तो जमीन की कमी के चलते अस्पताल को कहीं और ले जाना पड़ता।

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