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पत्नी और बेटी को खर्चा न देने पर पति को भेजा जेल

3 वर्ष पहले
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खरड़ की अदालत ने एक व्यक्ति को अपनी अलग रहने वाली प|ी व बेटी को आदेश के बावजूद प्रतिमाह चार हजार रुपए खर्च देने से मना करने पर जेल भेज दिया है। उसने आदेश के बाद दो साल तक प|ी और बेटी को खर्च नहीं दिया। मुंडी खरड़ के जगरूप सिंह ने बताया कि उनकी बहन मंजीत कौर का विवाह 8 नवंबर 2002 को सेक्टर 52, चंडीगढ़ निवासी सुभाष चंद के साथ हुआ था। विवाह के बाद 2005 में उनकी एक बेटी हुई। कुछ समय बाद ही सुभाष चंद उनकी बहन को दहेज के िलए प्रताड़ित करने लगा। वर्ष 2012 में सुभाष चंद िकसी को िबना कुछ बताए कहीं चला गया, जिसके बाद वह वापस नहीं आया। जहां एक तरफ सुभाष के घरवाले उसके गुमशुदा होने का दावा कर रहे थे, वहीं जगरूप सिंह को पता चला कि सुभाष कुरुक्षेत्र में िकसी महिला के साथ विवािहत जीवन व्यतीत कर रहा है। इसके बाद इन लोगों ने हाईकोर्ट की शरण ली। जहां से अारोपी के िवरुद्ध दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करने के आदेश मिलने के बाद चंडीगढ़ में आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज हुआ व उसे जेल जाना पड़ा। इसी दौरान उनकी बहन मंजीत कौर अपनी बेटी सहित मुंडी खरड़ स्थित मायके परिवार में आकर उनके साथ रहने लगी। 2014 में उन्होंने खरड़ अदालत में धारा 125 के तहत मेंटेनेंस के संबंध में सिविल सूट फाइल किया।

प|ी और बेटी को छोड़कर दूसरी महिला के साथ रहने लगा पति, खर्चा देने के कोर्ट के आदेश भी नहीं माने

दो साल का खर्च एक लाख 1 हजार रुपए देने से किया इनकार

पीड़ित मंजीत कौर के वकील सूनीत शर्मा ने बताया कि उक्त केस की प्रोसीडिंग के दौरान कोर्ट द्वारा बार-बार आरोपी को समन जारी किए गए, लेिकन वह कोर्ट में नहीं आया। अदालत द्वारा इस मामले में आरोपी को वर्ष 2016 में अपनी प|ी व बेटी काे दो-दो हजार रुपए प्रति महीना खर्चा देने के आदेश सुनाए गए, लेिकन आरोपी ने उक्त 4000 रुपए प्रति महीना एक बार भी नहीं दिया। इसके चलते अदालत में पेश न होने की सूरत में अदालत द्वारा आरोपी के कई बार अरेस्ट वारंट जारी किए गए। िपछली बार भी जब पुलिस द्वारा वारंट जारी होने के बाद आरोपी को नहीं लाया गया तो अदालत ने एसएसपी मोहाली के जरिये आरोपी के िगरफ्तार वारंट जारी किए, जिसके बाद खरड़ सिटी पुलिस आरोपी को कुरूक्षेत्र से गिरफ्तार कर लाई व 16 अप्रैल को खरड़ अदालत मंे पेश किया, लेिकन संबंिधत जज के छुट्टी पर होने के कारण ड्यूटी मजिस्ट्रेट द्वारा आरोपी को जेल भेज दिया गया व दो दिन बाद बुधवार को आरोपी को खरड़ अदालत लाया गया, जहां जज एकता उप्पल द्वारा आरोपी को िपछले दो साल का खर्च करीब 1 लाख 1 हजार रुपए पीड़िता व उसकी बेटी को देने के लिए कहा गया, लेकिन आरोपी ने कहा कि वह यह रुपए देने में असमर्थ है। इस पर अदालत द्वारा उसे केस की अगली सुनवाई 17 मई तक एक महीने के लिए सिविल इंप्रिसनमेंट पर जेल भेज दिया गया।

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