पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • डेढ़ लाख के जाली नोट देकर 22 हजार ठग ले गया

डेढ़ लाख के जाली नोट देकर 22 हजार ठग ले गया

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सेक्टर-71 स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच में संतोष चौरसिया से एक युवक न केवल 22 हजार ठग कर ले गया, बल्कि दो फोन भी ले गया। इसकी शिकायत युवक ने पहले एसबीआई बैंक प्रबंधक को दी, लेकिन वहां से जवाब मिला कि एेसी ठगी बहुत होती हैं। कभी बैंक के अंदर तो कभी बाहर, किस-किस का ध्यान रखें। पीड़ित ने दोपहर 2 से तीन बजे के बीच फुटेज देखने की रिक्वेस्ट की तो उससे भी मना कर दिया गया। इसके बाद पीड़ित ने मटौर थाने में जानकारी दी। पुलिस ने ठगी की शिकायत लेने के बाद सिर्फ मोबाइल गुमशुदगी की शिकायत लिखी।

सेक्टर-71 के स्टेट बैंक ऑफ इंिडया में पैसे जमा कराने आए लड़के से ठगी, मोबाइल फोन भी ले गया ठग

कैश काउंटर पर कतार में खड़ा था लड़का...संतोष चौरसिया ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब सवा दो बजे उसके दुकान मालिक ने उसको 22 हजार रुपए दिए। वह बंैक जाकर कैश काउंटर पर कतार में खड़ा हो गया। करीब 10 से 12 लोग उस कतार में खड़े थे और उसका नंबर छठा था। उससे आगे एक युवक खड़ा था और देखने को प्रवासी लग रहा था। उस युवक ने संतोष से कहा कि उसके पास डेढ़ लाख कैश है, जोकि गड्डी में बंधा है, लेकिन उसने कभी पहले पैसे जमा नहीं करवाए। इसलिए उसकी सहायता करे। इस पर संतोष ने उसको फाॅर्म भरने के लिए कहा तो उस युवक ने यह कहते हुए मना कर दिया कि उसको पढ़ना लिखना नहीं आता। इस पर संतोष ने उसको फाॅर्म लाकर दिया और भरने लगा। संतोष ने उसको अपने दोनों मोबाइल व हाथ में पकड़ा कैश उसे दे दिया और फाॅर्म भरने लगा। संतोष ने उसको कहा कि अपना पैन कार्ड दो, लेकिन उस युवक ने मना कर दिया कि उसकी गाड़ी में पड़ा है, वह लेकर आता है। आरोपी वापिस आया ही नहीं और संतोष के दोनों मोबाइल व कैश ले गया।

संतोष फाॅर्म भरकर इंतजार करता रहा, लेकिन आरोपी आया नहीं...संतोष ने बताया कि उसने सारा फाॅर्म भर दिया लेकिन काफी देर तक आरोपी युवक आया ही नहीं। फिर उसने आरोपी द्वारा उसको दी डेढ़ लाख रुपए की गड्डी खोलकर देखा तो ऊपर एक नोट दो हजार का था, लेकिन उसके नीचे सारे कागज थे। जिस पर उसने प्रबंधक को शिकायत दी, लेकिन उसकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय साफ मना कर दिया गया।

पुलिस ने भी गुमशुदगी की डीडीआर काटी...पीड़ित संतोष ने बताया कि वह मटौर में एक हार्डवेयर शॉप में काम करता है और वहीं मटौर में किराए के कमरे में रहता है। वह कई बार पहले भी बैंक में कैश जमा करवाने के लिए गया था। लेकिन पहली बार उसके साथ ऐसा हुआ। जब उसको बैंक से साफ जवाब मिल गया तो वह मटौर पुलिस स्टेशन गया। वहां पर पहले तो उसकी शिकायत ली नहीं गई, लेकिन जब वह काफी देर तक बैठा रहा तो उसको सांझकेंद्र भेज दिया गया। वहां उसकी डीडीआर काटी जरूर, लेकिन ठगी की नहीं, मात्र मोबाइल गुम होने की। एसएचओ राजीव कुमार ने फोन नहीं उठाया।

खबरें और भी हैं...