कुत्तों से बचाकर गाय के बछड़े को पहुंचाया गऊशाला
मोहाली| सड़क हादसे में घायल प्रेगनेंट गाय के बछड़े को जन्म देने के बाद मौत हो गई। लेकिन, उसके बाद बच्छी की जान बचाने के लिए गऊ भक्तों ने बछड़े को बच्चों की तरह बोतल से फीड करना शुरू किया और देखते ही देखते दस दिन गुजर गए और बछड़े की जान बच गई।
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में स्थित गौरी शंकर सेवा दल में एक नव जन्मे बछड़े की केयर गऊ भक्तों की ओर से की जा रही है। गऊशाला के संचालक परदीप शर्मा ने बताया कि सड़क हादसे में घायल एक गाय को गऊशाला में लाया गया था। उन्होंने बताया कि गऊशाला में घायल गाय का इलाज शुरू करवाया गया तो पता चला कि गाय प्रेगनेंट थी। उन्होंने बताया कि घायल गाय को बचाने का पुरा किया गया, लेकिन जब गाय की डिलीवरी हुई तो घायल गाय की मौत हो गई।
परदीप शर्मा ने बताया कि गाय की मौत के बाद नवजन्मे बछड़े की जान बचाने के लिए गऊशाला तथा वेटनरी डॉक्टर की टीम जुट गई। उन्होंने बताया कि नवजन्मे बछड़े को बच्चों की तरह बोतल से दूध पीला कर फीड किया गया। इसी रूटीन के साथ गऊशाला में बछड़े की केयर की गई और देखते ही देखते दस दिन बाद अब बछड़ा अब पुरी तरह से खतरे से बाहर है। गऊशाला में आने वाले गऊ भक्तों के लिए नवजन्मे बछड़े काफी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। कई गऊ भगत सुबह शाम सिर्फ बछड़े को दूध पिलाने तथा उसकी केयर करने के लिए गऊशाला में आ रहे हैं।
बछड़े को बौतल से फीड करते हुए लोग।