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वििजलेंस को डेराबस्सी एरिया में मिले 30 से 40 फुट गहरे अवैध माइनिंग के निशान

अवैध माइनिंग को लेकर डेराबस्सी ब्लॉक के ककराली, मुबारिकपुर, पीर मुछल्ला, पडवाला, सुंडरा, सतापगढ़, बाकरपुर में सीएम...

Danik Bhaskar | May 02, 2018, 02:05 AM IST
अवैध माइनिंग को लेकर डेराबस्सी ब्लॉक के ककराली, मुबारिकपुर, पीर मुछल्ला, पडवाला, सुंडरा, सतापगढ़, बाकरपुर में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के निर्देशों के बाद काम बंद हुआ, उस समय जो विजिलेंस जांच के निर्देश सीएम ने दिए थे, उसके लिए अब विजिलेंस की टीम डेराबस्सी के एरिया में उतरी है। एआईजी विजिलेंस आशीष कपूर की अगुअाई मंे आई टीम ने माइिनंग आॅफिसर सिमरप्रीत कौर ढिल्लों के साथ पूरे एरिया की जांच की है। टीम ने माइिनंग एरिया मंे जाकर लोंगों से बात की और जो भी शिकायतें डीसी कार्यालय के पास माइनिंग को लेकर आईं, उनकी भी जांच की जा रही है। विजिलेंस टीम पूरे एरिया को खंगालने में जुटी हुई है।

अवैध माइिनंग जहां हुई है, उस एरिया में जो गहरे गड्‌ढे पाए गए हैं। उन सभी की विजिलेंस टीम ने पूरी वीडियोग्राफी करवाई है और स्टील फोटोग्राफी भी की गई है। इसके साथ ही पूरा रिकाॅर्ड मेंटेन करने के लिए गड्ढों की पैमाइश भी की है। ताकि पता लगाया जा सके कि कितनी गहरी ग्रेवल खोदा गया है। जांच में सामने अाया कि 30 से 40 फुट खुदाई सामने आई है।

किसकी जमीन और किसने खुदाई की, रिकाॅर्ड लिया: जहां भी अवैध माइिनंग हुई है उस जमीन की मलकीयत किसकी है और यहां माइनिंग करने के लिए किस व्यक्ति ने काम किया है। कितनी देर काम हुआ है, क्या पैसे जमीन मालिक को दिए गए हैं। जमीन मालिक की इसको लेकर सहमति और माइनिंग विभाग से क्या कोई परमिशन ली गई थी। इसका भी पता लगाया जा रहा है।

बीएलईओ डेराबस्सी नहीं पहुंचे मौके पर: माइनिंग विभाग की टीम पूरे एरिया की जांच करने के लिए पहंुची थी। इसके बारे में माइनिंग विभाग को बताया गया था, लेकिन डेराबस्सी एरिया के बीएलईओ मौके पर नहीं थे। विजिलेंस टीम की ओर से बार-बार उस एरिया के बीएलईओ के बारे में पूछते रहे, क्योंकि माइनिंग को लेकर पूरी रिपोर्ट बीएलईओ की तैयार करता है और उसी को पता होता है कि कहां पर कितनी माइनिंग हुई है। क्या यह एरिया लीगल है या इल्लीगल है। बीएलईओ का न होना जांच में बाधा बना रहा।

लीगल माइंस में नियमों के पालन की भी जांच होगी: जो सरकार की ओर से लीगल माइनिंग अलॉट की गई है। उस एरिया में भी नियमों के खिलाफ माइनिंग की गई है। यह माइनिंग भी इल्लीगल कैटेगिरी में आती है। इसलिए टीम की ओर से इस मामले को लेकर भी जांच की जा रही है। माइनिंग विभाग से पूरे नियमों के बारे में जानकारी ली जा रही है और यह भी पूछा जा रहा है कि इल्लीगल माइनिंग को लेकर अब तक कौन-कौन सी कार्रवाई की गई है और कितना जुर्माना किया गया है। किन लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।

लोग विजिलेंस से बोले-छज्जा सिंह से पूछ लो, वो सब बता देंगे...

जांच करने गए विजिलेंस टीम के प्रमुख एआईजी को आसपास के लोगाें ने बताया कि साहब इधर-उधर जांच करने के बजाय आप छज्जा सिंह को बुला लो। माइनिंग को लेकर आपको सब कुछ पता चल जाएगा। छज्जा सिंह माइिनंग को लेकर सब कुछ जानता है। यह बात इस टीम को जांच के दौरान कई जगहों पर सुनने को मिली। गांव ककराली, मुबारकपुर तथा बरवाला एरिया में छज्जा सिंह का नाम सामने आया है। इस मामले को लेकर छज्जा सिंह से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि वह एक कांग्रेसी नेता हैं। लोग बिना वजह से रंजिशन उनका नाम उछाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से एरिया की सेवा कर रहा है। जिन लोगों के खिलाफ अवैध माइनिंग को लेकर केस दर्ज हुए थे। उसके बारे मंे भी आवाज उठाई थी। इसलिए उनको बदनाम किया जा रहा है। उनका माइनिंग के साथ कोई सरोकार ही नहीं है।

विजिलेंस के एआईजी आशीष कपूर का कहना है कि विजिलेंस के पास अवैध माइनिंग को लेकर इंक्वायरी आई हुई है, जिसको लेकर टीम डेराबस्सी व जीरकपुर के एरिया में गई है और वहां जमीन की पैमाइश के साथ-साथ वीडियो व फोटाग्राफी भी करवाई है। लोकल रेजिडेंट्स से भी पूछताछ की गई है और जमीन का रिकाॅर्ड भी मंगवाया गया है। कुछ लोगों के नाम जांच के दौरान सामने आए हैं। उनको भी जांच में शामिल किया जाएगा। विभाग से पूरा रिकाॅर्ड मांगा गया है।