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सिविल अस्पताल के अंदर घुसकर स्ट्रे डॉग ने हफ्ते में 8 लोगों को काटा

सिविल अस्पताल फेज-6 में भी अब स्ट्रे डॉग्स का खौफ दिखाई दे रहा हे। पिछले करीब एक हफ्ते से इन डॉग्स ने अस्पताल में...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:15 AM IST

सिविल अस्पताल के अंदर घुसकर स्ट्रे डॉग ने हफ्ते में 8 लोगों को काटा
सिविल अस्पताल फेज-6 में भी अब स्ट्रे डॉग्स का खौफ दिखाई दे रहा हे। पिछले करीब एक हफ्ते से इन डॉग्स ने अस्पताल में घुसकर तीन सफाई कर्मचारियों सहित आठ लोगों को काट लिया है। इसके बावजूद अस्पताल के मदर-चाइल्ड केयर सेंटर, इमरजेंसी एरिया की लॉबी में स्ट्रे डॉग्स घूमते दिखते हैं। फेज-6 के पार्षद आरपी शर्मा ने मेयर के सामने इस मामले को उठाते हुए कहा कि स्ट्रे डॉग्स को लेकर पुख्ता काम किया जाए। स्टर्लाइजेशन करने से डॉग्स के काटने पर कोई असर नहीं होता। अगर जरूरत है तो इनके लिए डॉग पॉन्ड बनाया जाए। गत दिनों ही अस्पताल में घूमने वाले स्ट्रे डॉग्स ने एक साथ कई लोगों को काटा है।

पार्षद आरपी शर्मा ने बताया कि पिछले कई दिनों में अस्पताल के डॉग्स ने अब तक अस्पताल के तीन सफाई कर्मचारियों को काटा है तथा उसके साथ ही इन डॉग्स का शिकार यहां आने वाले मरीज व उनके तामीरदार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों के अटेंडेंट भी इसमें शामिल हंै। उन्होंने बताया कि इसे लेकर अस्पताल की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

पूरा यूनिट खाली, पंखे की हवा में बैठा था डॉग

मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट के पास भास्कर टीम ने देखा कि करीब 10 पंखे फुल स्पीड में चल रहे थे। सारे डॉक्टरों के रूम्स को ताले लगे थे और ओपीडी विंडो खाली थी। खाली कुर्सियांे की लंबी कतार लगी थी और इक्कादुका तीमारदार बैठे थे। यहां स्टाफ की इतनी लापरवाही कि सभी ओपीडीज को ताले लगे थे, फिर भी लाइटें व पंखे ऑन थे। कुर्सियों के बीच एक स्ट्रे डॉग पंखे की हवा में बैठा था। जब फोटो खींची गई तो डॉग वहां से उठकर दरवाजे की तरफ चल पड़ा।

कई स्ट्रे डॉग्स को पकड़कर ले गई डॉग कैचर टीम

मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट में बैठे तीमारदारों ने बताया कि यहां चार दिन पहले बहुत डॉग्स थे। कभी कभार ऐसा लगता था कि यह अस्पताल इंसानों का नहीं, बल्कि वेटरनरी अस्पताल है। कभी तो डॉग्स दिखते नहीं थे तो कभी तेज धूप होते ही करीब आधा दर्जन डॉग्स यूनिट की लॅाबी में आकर कुर्सियों के नीचे छिपकर बैठ जाते थे। सबसे बड़ी बता यहां का स्टाफ करीब 2 बजे तक यहां से ताले लगाकर चला जाता है, लेकिन एक भी कर्मचारी अपने-अपने रूम व लॉबी का न तो फैन बंद करता है और न ट्यूबलाइट्स। अमूमन सारे अस्पताल का यही हाल है।

राेजाना आ रहे हैं डॉग बाइट के केस

अस्पताल स्टाफ से पता चला कि रोजाना जिले व चंडीगढ़ के आसपास के एरिया से डॉग बाइट के केस आ रहे हैं। सोवमार को भी पांच केस आए, लेकिन जब भास्कर ने इन पेशेंट्स के नाम व पता इमरजेंसी में बैठे स्टाफ से पूछा तो वह आनाकानी करने लगे कि अभी तीन बज चुके हैं। यदि रिकाॅर्ड लेना हो तो मंगलवार को दो बजे से पहले आ जाना। एंटी रेबिज इंजेक्शन देने वाला स्टाफ अपने रिकाॅर्ड को लॉक में रखकर दो बजे तक अस्पताल से घर चला जाता है। सोमवार को जो पांच लोग आए उनका नाम स्टाफ नहीं बता पाया था। बस यह बताया गया कि आज पांच केस आए हैं।

कई बार लिखा निगम को

पता नहीं डॉग अस्पताल में कहां से आ जाते हैं। कई बार निगम डॉग कैचर टीम इनको पकड़ कर भी ले गई है। लेकिन ये फिर आ जाते हैं। अब दोबारा लिखा जाएगा। डॉ. मंजीत सिंह, एसएमओ फेज-6 सिविल रेफरल अस्पताल मोहाली

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