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कदवाली में कुएं के गंदे पानी से 3 की मौत की आशंका, बीमार 6 की हालत खतरे से बाहर

3 वर्ष पहले
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कुशलगढ़ के कदवाली में गुरुवार को एक ही परिवार के तीन जनों की मौत विषाक्त सेवन से हुई थी लेकिन यह विषाक्त क्या था, यह दूसरे दिन भी पता नहीं चल सका। शवों का पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. रवि उपाध्याय बताते है कि मौत विषाक्त से हुई है।

यह कीटनाशक पीने से या गंदा पानी पीने या किसी और चीज से फैला यह फिलहाल विसरा रिपोर्ट आने पर ही साफ होगा। भास्कर संवाददाता ने शुक्रवार को कदवाली गांव का दौरा किया तो पता चला कि बीते चार दिनों से गांव में उल्टी-दस्त की शिकायतें सामने आ रही है। जिस कुएं से ग्रामीण पीने का पानी लेते है वहां पर भी काफी गंदगी पसरी है। चूंकि, भूरजी और उसके भाइयों के मकान भी इसी कुंए के पास है। परिजनों ने बताया कि गुरुवार सुबह कुएं के पानी से रजन और मक्की की रोटी बनाई थी। जिसके सेवन के बाद सभी कपास बीनने चले गए और थोड़ी देर बाद बीमार पड़ गए। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि शायद कुएं का पानी दूषित हो चुका है और इसी से यह घटना हुई। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कदवाली फलिया चौखवाड़ा पंचायत के वार्ड नंबर 3 में आता है जहां साठ के करीब परिवारों की आबादी है पिछले चार दिनो से गांव में उल्टी दस्त की शिकायत है। इधर, एमजी अस्पताल में भर्ती भूरजी के परिवार के बाकी सभी 6 जनों की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं, गांव में शुक्रवार को मृतकों के शव आने पर परिजन और रिश्तेदार घर पहुंचे लेकिन उल्टी-दस्त से मौत के बाद ग्रामीण प्रकोप के डर से घर आने की बजाय श्मशान घाट पहुंचे। गांव के 9 जनों को उल्टी-दस्त होने पर ग्रामीणों को डर है कि गांव में कोई प्रकोप नहीं फैल जाए। घटना के बाद भूरजी के कुएं से भी ग्रामीणों ने पानी भरना बंद कर दिया है। देर शाम क्षेत्रीय विधायक भीमाभाई डामाेर पहुंचे और मुख्यमंत्री सहायता कोष से पीड़ित परिवारों को राहत दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से पूरे गांव में लोगों की सेहत जांचने के लिए भी कहा। मृतक भूरजी के परिवार में डेढ़ साल पहले भी ऐसा ही एक हादसा हुआ था। मध्यप्रदेश में सड़क हादसे में भूरजी की प|ी ललिता की मौत हो गई थी। उस सदमे से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि उल्टी-दस्त ने घर के मुखिया भूरजी, उसकी मां भूंड़ी और पोती चंपा को भी छिन लिया।

इस कुएं के पानी पर संदेह।

छोटी सरवा में दो मरीज उल्टी दस्त की शिकायत पर पहुंचे

गुरुवार को कदवाली में हुई घटना के बाद शुक्रवार देर शाम छोटी सरवा पीएचसी में कदवाली निवासी शारदा प|ि अमरसिंह तथा मीरू प|ि मानसिंग उल्टी दस्त की शिकायत पर पीएचसी में भर्ती हुए। मीरू को गंभीर हालत होने पर बांसवाडा रैफर कर दिया।

6 अप्रैल 2018 को प्रकाशित खबर

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