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सांसद ने 10 दिन का समय और मांगा, निराश लौटे किसान

3 वर्ष पहले
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कृषि उपमंडी में उपज बेचने और व्यापारी द्वारा भुगतान नहीं करने से पीड़ित किसानों को एक बार फिर निराश होना पड़ा। सांसद नंदकुमार सिंह चौहान ने उन्हें 16 अप्रैल तक भुगतान कराने का आश्वासन देकर आमरण अनशन से रोक दिया था। पीड़ित किसान 16 अप्रैल को उनसे मिलने पहुंचे तो उन्होंने सब्र रखने और 10 दिन का समय और देने की बात कही। निराश किसान लौट आए। उन्होंने कहा अब हमारे सामने मरने (आमरण अनशन) के अलावा कोई रास्ता नहीं है। जल्द ही इसका निर्णय लिया जाएगा।

किसानों की उपज बेचकर बगैर भुगतान फरार व्यापारी किशन जाधव को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसके लिए भी किसानों को आंदोलन करना पड़ा था। पहला आंदोलन 14 मार्च को मंडी गेट पर ताला लगाकर किया गया। सप्ताह भर मंडी नहीं खुलने दी गई। इस पर पुनासा एसडीएम ने 10 दिन में भुगतान कराने का आश्वासन देकर मंडी खुलवाई थी। लेकिन वे भी भुगतान नहीं दिला सके। इसके बाद किसान मूंदी बस स्टैंड पर भूख हड़ताल पर बैठ गए। 13 अप्रैल से आमरण अनशन करना था लेकिन सांसद नंदकुमार सिंह चौहान ने 16 अप्रैल तक भुगतान दिलाने का आश्वासन देकर अनशन से रोक दिया। किसान 16 अप्रैल को कृषक समृद्धि योजना कार्यक्रम में सांसद से पुन: मिले और भुगतान दिलाने का वादा याद दिलाया। सांसद चौहान ने कहा सब्र रखो। भुगतान करवा दिया जाएगा। 8-10 दिन का समय दे दो। गुयड़ा के किसान मंगलसिंह राजपूत ने बताया सांसद ने फिर आश्वासन देकर रवाना कर दिया है। इंजलवाड़ा के अशोक सोलंकी ने बताया किसान ढाई माह से भुगतान के लिए भटक रहे हैं।

25 के बाद करेंगे आमरण अनशन

पीड़ित किसानों ने कहा अफसर-नेता बार-बार आश्वासन देकर हमारा आंदोलन स्थगित करा देते हैं। सांसद ने एक बार फिर निराश किया है। अक्षय तृतीया पर विवाह की अधिकता है। इनसे निपटकर अगले आंदोलन की रूपरेखा बनाई जाएगी। संभवत: 25 अप्रैल के आसपास आमरण अनशन शुरू करेंगे।

इधर, मंडी में बंद कराई जाए झाडू, हम्मालों को दिया जाए बैच

खंडवा | कृषि उपज मंडी में अव्यवस्थाओं को तुरंत दूर कराने की मांग भारतीय किसान संघ ने मंडी सचिव से की है। इस संबंध में मांग पत्र सचिव को दिया। इसमें मंडी में झाड़ू प्रथा तत्काल बंद कराने को कहा था, ताकि किसानों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। प्रवक्ता सुभाष पटेल ने बताया कि किसानों से तुलाई काटी जाती है, जबकि तुलाई प्लेट कांटा पर हाेती है। इसे तत्काल बंद कराने को कहा है। हम्मालों द्वारा किसान की उपज तौलने पर चुंगी ली जाती है। चाय-पानी के नाम पर 50 से 100 रुपए तक लिए जाते हैं। नहीं देने पर किसानों से गालीगलौज की जाती है। इसे तत्काल रुकवाया जाए। कृषि उपज मंडी द्वारा जो हम्माल नियुक्त हैं उन्हें तत्काल बैच दिए जाए। तहसील अध्यक्ष जय पटेल ने बताया कि 7 दिन के अंदर व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होता है तो किसान संघ अपने स्तर पर कार्रवाई करने के लिए निर्णय लेगा।

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