मूंदी | परमात्मा का स्मरण करने से सारे कष्ट दूर होते हैं। भजन करने से मन के भाव बदलते हैं। अच्छे विचारों का आगमन होता है। आज मनुष्य सदमार्ग से भटक गया है। जब ठोकर लगती है तब ईश्वर की याद आती है। उनकी शरण में पहुंचकर मत्था टेकते हैं। मनुष्य को ऐसी स्थिति बनने ही नहीं देना चाहिए।
मूंदी स्थित गुर्जर समाज धर्मशाला में चल रही भागवत कथा के तीसरे दिन पंडित नटवर शास्त्री ने यह बात कही। उन्होंने कहा हर वक्त प्रभु को मन से याद करो। थोड़ा समय भक्ति के लिए निकालो। क्योंकि सकारात्मक सोच ही जीन का आधार है। मनुष्य अपनी जिव्हा पर नियंत्रण कर ले, मधुर वाणी बोले तो कभी कोई विवाद या समस्या ही नहीं हो। मन को सत्संग से जोड़ने से वर्तमान के साथ ही अगला जीवन भी सुधरता है। सत्संग सनातन का बीज है। सत्य की राह पर चलने वाले जगत में चमकते हैं और सुख की प्राप्ति का आनंद लेते हैं। भागवत कथा में जीवन जीने के अमूल्य मंत्र विद्यमान हैं।