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मोबाइल एप पर नजर आएंगे गरीबों के आशियाने

3 वर्ष पहले
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गरीबों के आशियाने से लेकर सड़क निर्माण, आंगनबाड़ी केन्द्र की क्वालिटी को अब मोबाइल एप के जरिए चेक किया जाएगा। इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग ने जियो टेग मोबाइल एप लांच किया है। इस नायाब प्रयोग में मुरैना जिले में काम शुरू हो गया है।एनरॉयड मोबाइल पर 435 रोजगार सहायक जियो टेग मोबाइल एप को लोड कर चुके हैं। नए एप का उपयोग करते हुए यह मॉनीटरिंग की जाएगी कि गरीबों के लिए जो आशियाने बनाए जा रहे हैं उनकी गति व निर्माण की गुणवत्ता कैसी है। इसके लिए रोजगार सहायक या पंचायत सचिव स्तर के कर्मचारी मौके पर पहुंचकर मोबाइल एप से निर्माण कार्य की फोटो क्लिक करेंगे और जिला पंचायत के पोर्टल पर डाउनलोड कर देंगे। जितना काम होता जाएगा उतना भुगतान हितग्राही के खाते में जनपद पंचायत से ट्रांसफर किया जाता रहेगा। अभी तक देखने में आया कि गरीबों के आशियाने बनाए बिना ही जनपद पंचायतों से निर्माण संबंधी भुगतान हो गए। इस तरह के फर्जीबाड़े पकड़ में आने के बाद जांच एजेंसियों की अनुशंसा पर भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने यह नया सोफ्टवेयर तैयार कर देशभर के रोजगार सहायकों के एनरॉयड मोबाइल फोन पर लोड कराया है।

आवास, सड़क, आंगनबाड़ी केन्द्र व सेवा केन्द्रों के निर्माण कार्यों की मानीटरिंग के लिए जियो टेग मोबाइल एप लांच
काम में पारदर्शिता मकसद
नरेगा के जो काम जिलेभर की 478 पंचायतों में चल रहे हैं उनमें पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जियो टेग मोबाइल एप की मदद ली रही है। एप के उपयोग से निर्माण कार्य समय सीमा में पूर्ण हो सकेंगे। साथ ही बिना काम के भुगतान नहीं हो पाएंगे। इसमें सरपंच व सचिवों के फर्जीबाड़े पर भी अंकुश लगेगा।

इसरो ने तैयार किया मोबाइल एप
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने नरेगा के 40 हजार कामों को जियो टेग मोबाइल एप के सोफ्टवेयर पर लोड कराया है। इस सोफ्टवेयर को सरकार ने इसरो से तैयार कराया है। एप में भुवन पोर्टल को डाउनलोड करते ही मनरेगा के सभी काम शो होने लगते हैं। आपको जिस काम की साइट या प्रगति चेक करना है उसे क्लिक कर देखा जा सकता है। इसके लिए रोजगार सहायकों को एप पर काम करने संबंधी टिप्स भी दिए जा चुके हैं। एप के उपयोग से ग्रामीण विकास की तस्वीर को देश-दुनिया में कहीं भी बैठकर निहारा जा सकता है।

इन कामों की मॉनीटरिंग एप से

जियो टेग मोबाइल एप से ग्रामीण विकास के लिए बनाई जा रहीं सड़कों के निर्माण की प्रगति व काम की क्वालिटी को भी परखा जाएगा।

आंगनबाड़ी केन्द्र, राजीव गांधी सेवा केन्द्र व पंचायत भवन व स्कूल भवनों के निर्माण की गुणवत्ता संबंधी देखरेख भी इस नए एप के माध्यम से चेक की जाएगी।

वाटरशेड के निर्माण कार्य समय पर पूरे किए जा रहे हैं या नहीं, मौके पर उनकी क्या प्रगति है इसकी निगरानी एप से करायी जाएगी।

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