पिता रामवीर सिकरवार ने मृत बेटी को खुद चंबल नदी के अंदर ले जाकर रात 12 बजे के बाद फेंका
भास्कर संवाददाता | मुरैना
देवगढ़ क्षेत्र के गुरजा में आरती राजावत की ऑनरकिलिंग के मामले में तथ्य उजागर हुए हैं कि आरोपी पिता रामवीर सिकरवार ने बेटी का गला घोंटा था। भाई सोनू व चचेरे भाई सोनू पार्थ ने अपनी बहन के शव को दूसरे कमरे में रस्से से फांसी के फंदे पर 10 मिनट तक लटकाया ताकि उसके प्राण निकल जाएं।
पुलिस ने हत्या के इस सनसनीखेज मामले में आरोपी पिता रामवीर सिकरवार समेत दामाद बंटू राजावत को गिरफ्तार न्यायालय में पेश किया लेकिन अभियुक्तों को रिमांड पर नहीं दिया गया। दोनों आरोपी शुक्रवार को जेल भेज दिए गए। गिरफ्तार आरोपियों ने अपने जुर्म को कबूलते हुए पुलिस को बताया कि 12 मई की रात रामवीर सिकरवार ने बेटी आरती की हत्या करने के लिए प|ी रामा को घर की छत पर लिटा दिया था। दामाद बंटू को भी दूसरे घर में सुलाया था। रात 11.30 बजे बेटी जब गहरी नींद में पहुंच गई तो पिता ने उसका गला दबा दिया। आरती के भाईयों सोनू एंड सोनू ने साफी से उसका गला बांधकर मृत्यु को सुनिश्चित करने का प्रयास किया। दोनों भाईयों ने मृतका के शव को दूसरे कमरे में 10 मिनट तक फांसी के फंदे पर लटकाया था। आरती के शव को चंबल तक पहुंचाने के लिए ट्रैक्टर के लिए रात में गांव के अंदर से ही डीजल लाया गया।
आरती को मृत देख रो पड़ा था बंटू : आरती को मौत के घाट उतारने के बाद रामवीर व सोनू ने बंटू को रात में ही जगाया और उसे घटनास्थल पर लेकर आए। प|ी को मृत देख बंटू रो पड़ा। हालांकि इस सनसनीखेज वारदात से पहले रामवीर ने दामाद बंटू से कहा था कि वह चाहे तो आरती को ठिकाने लगा सकता है लेकिन बंटू जब इसके लिए तैयार नहीं हुआ तो जघन्य हत्या को अंजाम दे दिया।