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अवैध आरा मशीन चलाने वाले को छह माह की सजा

3 वर्ष पहले
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सबलगढ़ क्षेत्र के रानीपुरा गांव में आरा मशीन के अवैध संचालन की कार्रवाई के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अविनाश शर्मा की अदालत ने अभियुक्त ओमप्रकाश पुत्र रघुनंदन रावत को छह माह के कारावास की सजा से दंडित किया है।

19 फरवरी 2012 को वन विभाग का उडऩदस्ता अवैध आरा मशीनों की जांच करने के लिए रानीपुरा पहुंचा तो वहां ओमप्रकाश पुत्र रघुनंदन रावत द्वारा एक आरा मशीन का संचालन होना पाया गया। इस आरा मशीन पर जंगल से काटकर लाई गई लकड़ी का भंडारण भी देखने को मिला। उस समय तत्कालीन एसडीओ फॉरेस्ट योगेश झारिया की टीम ने आरा मशीन के चक्के को जब्त कर लिया और भंडारित की गई लकड़ी को भी वन विभाग की डिपो में उठा लाए। वन विभाग की टीम के समक्ष दस्तावेज पेश नहीं कर पाया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट अविनाश शर्मा ने शुक्रवार को छह माह के सश्रम कारावास एवं 500 रुपए के जुर्माने की सजा से दंडित किया है।

वहीं ट्रक खरीदने का शौक एक युवक को तब भारी पड़ गया जब उसने कर्ज के 10 लाख रुपए फायनेंस कंपनी को अदा नहीं किए। इस मामले में अदालत के कर्मचारियों ने आरोपी रामू गुर्जर को गिरफ्तार कर उसे कोर्ट के समक्ष पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अभिभावक राकेश दुबे के मुताबिक, बानमोर की शीतला गली में रहने वाले रामू गुर्जर पुत्र महेन्द्र सिंह गुर्जर 65 ने टाटा कंपनी से एक ट्रक फायनेंस कराया था। लोन की राशि 10 लाख रुपए अदा नहीं करने पर फायनेंस कंपनी ने यह मामला अदालत में पेश किया। तो तृतीय अपर जिला न्यायाधीश अशोक शर्मा ने रामू गुर्जर के खिलाफ 999473 रुपए डिक्री जारी की थी। लेकिन नियत अवधि मेंे रामू गुर्जर ने डिक्री की राशि कोर्ट में जमा नहीं की थी। अदालत के कर्मचारियों ने पुलिस की मदद से आरोपी रामू गुर्जर को हिरासत में लेकर उसे कोर्ट के समक्ष पेश किया जहां से अदालत ने अभियुक्त को जेल भेज दिया।

ट्रक के लिए फाइनेंस कराए 10 लाख रुपए, अदा नहीं करने पर आरोपी भेजा जेल

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