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अस्पताल में वार्ड फुल, जमीन पर लेटे मरीज स्टैंड नहीं होने से खिड़की पर टांगी बोतल

3 वर्ष पहले
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जिला अस्पताल का मेडिकल वार्ड मंगलवार को हाउसफुल रहा। सुबह 8 बजे के बाद जो मरीज भर्ती हुए उन्हें लेटने के लिए ना तो पलंग उपलब्ध कराए गए और न ही डॉक्टर। ऐसे में मरीजों के परिजन कर्मचारियों से व्यवस्था कराने की मांग को लेकर मुंहबाद करते नजर आए। इसके बाद भी दोपहर तक कोई डॉक्टर इलाज के लिए वार्ड में नहीं आया।

मेल व फीमेल मेडिकल वार्ड के 120 पलंग भरे हैं। 40 से अधिक पलंग गैलरी में लगे हैं उन पर भी मरीज भर्ती हैं। मंगलवार सुबह आठ बजे के बाद जो महिला व पुरुष मेडिकल वार्ड में उल्टी-दस्त, घबराहट व बुखार की शिकायत लेकर आए उन्हें मेडिकल वार्ड में भर्ती तो कर लिया, लेकिन लेटने के लिए पलंग उपलब्ध नहीं कराए। यहां तक सैलाइन लगाने के लिए ड्रिप स्टैंड तक नहीं दिए गए। दोपहर 12.30 बजे इलाज सही से नहीं मिलने के कारण महिला मरीजों के परिजन स्वास्थ्य कर्मचारियों से मुंहबाद करने लगे। परिजन का कहना था कि इलाज के लिए यदि डाॅक्टर उपलब्ध नही हैं तो उनके मरीजों की छुट्टी कर दी जाए। समस्या यह थी कि मरीजों के परिजन की शिकायत सुनने व उसका समाधान करने के लिए नर्सेस व नर्सिंग स्टूडेंट के पास कोई विकल्प नहीं था।

जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में पलंग व ड्रिप स्टैंड उपलब्ध नहीं होने से मरीजों का इस तरह किया गया इलाज।

बेटी का इलाज नहीं कर रहे डाॅक्टर

पोरसा के दीनापुरा से आई सुनीता बघेल ने बताया कि उनकी बेटी रूबी को सोमवार को अस्पताल में भर्ती कराया था। उसे घबराहट की शिकायत है। अभी तक डॉक्टर ने चेकअप नहीं किया। आज सुबह दो डॉक्टर आए, लेकिन उन्होंने भी इलाज नहीं किया।

आरएमओ बदले फिर भी व्यवस्था नहीं

स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह व संचालक स्वास्थ्य डाॅ. केके ठस्सू के जिला अस्पताल प्रवास के बाद रेजीडेंट मेडिकल ऑफिसर डाॅ.पदमेश उपाध्याय से आरएमओ का चार्ज वापस लेकर नए आरएमओ के रूप में डाॅ. धर्मेंद्र गुप्ता को प्रभार दिया है लेकिन जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में फिर भी कोई सुधार नहीं आया है।

महिला मरीज जमीन पर, परिजन के हाथ में ड्रिप

फीमेल मेडिकल वार्ड में भर्ती बड़ोखर की रामरती प|ी संतराम जाटव(55) को उसके परिजन दस्त, बुखार व सिर दर्द की शिकायत पर इलाज के लिए जिला अस्पताल लाए। वहां नर्स ने रामरती के हाथ में क्रेनुला लगाकर ड्रिप परिजन के हाथ में पकड़ा दी। इसके बाद परिजन ने पास में एक खड़की पर ड्रिप लटकादी।

जौरा रोड पर मैदा मिल के पास रहने वाले पुष्पेन्द्र जाटव की प|ी दीपा को मंगलवार की दोपहर 12 बजे उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद मेडिकल वार्ड में लाया गया लेकिन उसे भी जमीन पर लिटाकर ड्रिप लगा दी गई।

मां के मुंह से खून आ रहा है, लेकिन डॉक्टर देखने नहीं आए

पोरसा से रैफर होकर जिला अस्पताल आई रामकली देवी प|ी अमर सिंह के बेटे ने बताया कि उनकी मां के मुंह से खून आ रहा है लेकिन कल से अब तक कोई डाॅक्टर मरीज देखने नहीं आया है। हाथ में धब्बे पड़ गए हैं तथा पेट में दर्द है लेकिन जिला अस्पताल में कोई सुनवाई नहीं है।

स्ट्रेचर पर लिटा दिया महिला मरीजों को

मेडिकल वार्ड के हालात इतने अव्यवस्थित हैं कि इमरजेंसी से चेकअप के बाद मरीजों को स्ट्रेचर मेडिकल वार्ड तक लाया जाता है लेकिन पलंगों का टोटा होने के कारण महिला मरीजों को नर्सेस स्ट्रेचर पर लिटाकर ही ग्लूकोस की ड्रिप लगा रही हैं। मंगलवार को खडिय़ाहार के माता का पुरा में सपना प|ी रामू तोमर को घर के गेट के करंट लग गया। सपना का इलाज भी स्ट्रेचर पर किया जा रहा था। पोरसा में नए थाने के पास से आई मीना प|ी मनोज ओझा को उल्टी-दस्त व चक्कर आने की शिकायत पर मेडिकल वार्ड में स्ट्रेचर पर लिटाकर इलाज किया जा रहा था। जाफराबाद की अंगूरी देवी प|ी ओमप्रकाश को भी पलंग नहीं मिला तो मजबूर होकर वह भी स्ट्रेचर पर लेटी थी।

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