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रजौधा को ‘स्मार्ट विलेज’ बनाने अब तक पहल नहीं हुई शुरू

3 वर्ष पहले
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दो साल पहले 46.60 लाख की कार्ययोजना बनाकर केन्द्र सरकार को भेजी थी

लेकिन उसका पैसा अब तक जिला पंचायत को जारी नहीं किया गया

भास्कर संवाददाता | मुरैना

तंवरघार अंचल के रजौधा गांव को स्मार्ट विलेज बनाने के लिए केन्द्र सरकार ने बीते दो साल में 46.60 लाख रुपए की कार्ययोजना को मंजूर नहीं किया है। बिना बजट इस गांव को विकसित करने के प्लान पर कैसे काम किया जा सकेगा।

भारत सरकार के ग्रामीण मंत्रालय की टीम ने 2016 में रजौधा गांव का भ्रमण किया था। निरीक्षण टीम में शामिल आईएएस दुर्गाशक्ति नागपाल ने रजौधा गांव की हर बसर में पसरी गंदगी को देखा था। जिला पंचायत के अफसरों ने केन्द्रीय टीम को बताया था कि रजौधा को स्मार्ट विलेज बनाने के लिए जिला पंचायत ने 46.30 लाख रुपए की जो कार्ययोजना बनाई है उसके पैसे का उपयोग निर्माण कार्यों में कहां, कैसे किया जाएगा। टीम में शामिल अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि उनके गांव को स्मार्ट विलेज के लिए चयनित किया गया है। आने वाले समय में गांव की हर गली में पक्की सीसी सड़क व नालियों का निर्माण कराया जाएगा। गांव में घरों व मवेशी से निकलने वाले कड़े-करकट का अलग-अलग संग्रहण किया जाकर उसका निपटान नाडेप व वर्मी कंपोस्ट विधि से किया जाएगा। इससे किसानों को खेतों में डालने के लिए खाद भी मिलेगी। रजौधा गांव में कचरा प्रबंधन के लिए घरेलू डस्टबिन, कचरा गाड़ी, डस्ट पैन, दस्ताने, झाडू, सार्वजनिक डस्टबिन, कचरा पृथककरण सेट, कचरा भराव सहित सैड निर्माण कराया जाएगा। लेकिन इस मामले में अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है।

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