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मई में आ गया था पोषण आहार, बच्चों और महिलाओं को दो माह बाद दे रहे

3 वर्ष पहले
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27 जून को बने पोषण अहार के पैकेट दो माह बाद बांटे।

दो माह पहले आया था परियोजना गोदाम पर पोषण आहार

उत्पादक व प्रदाय सुरुचि फूड्स प्राइवेट कंपनी लिमिटेड मथुरा प्लांट संख्या 482 व 483 ग्राम दांतना तहसील छाता कोसी कलां मथुरा द्वारा गर्भवती महिलाओं व बच्चों के लिए 2 जुलाई 18 को परियोजना पोरसा में करीब 2500 वेग भेजे गए थे। जिसमें प्लास्टिक के गोल दाने निकले हैं। इस पोषण आहार को पोषण आहार प्रभारी रामबीर शर्मा ने एक सप्ताह पहले केंद्रों पर ठेकेदार द्वारा भेजा था। दो दिन पहले यानि 4 अगस्त को गर्भवती महिलाओं को कार्यकर्ताओं द्वारा पोषण आहार वितरण किया था।

प्लास्टिक के गोल दाने निकलने के बाद अब अिधकारी कुड़िहार गांव में पहुंचकर दो दिन पहले पैकेट वितरण का बना रहे पंचनामा

कुड़िहार आंगनबाड़ी केंद्र हितग्राही रतन सिंह कुशवाह, माधव सिंह, मुन्नालाल, नरेंद्र, कुलदीप कुशवाह बताया कि केंद्र पर दो दिन पहले पैकेट वितरण की गई। लेकिन खबर प्रकाशित होने के बाद महिला बाल विकास अधिकारी गांव में आकर दो माह पहले पैकेट वितरण होने का पंचनामा बनवाकर ले गए हैं। वहीं कार्यकर्ता ने भी लिखकर दे दिया है।

केंद्रों पर आने वाले बच्चों को नहीं मिल रहा भोजन

पोरसा परियोजना में संचालित 333 आंगनबाड़ी केंद्र कागजों में जिलेभर में नंबर वन पर चल रही है। लेकिन धरातल की स्थित काफी गंभीर है। केंद्रों पर आने वाले बच्चों को भोजन तक नहीं मिल पा रहा है। वहीं कुपोषण पर अंकुश लगाने में सीडीपीओ व पर्यवेक्षक नाकाम साबित हो रहीं हैं। यदि बाहर से टीम आकर केंद्रों का निरीक्षण करे तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। जबकि हर माह गर्भवती व बच्चों पर करीब 8 से 10 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

अब अधिकारी जुटे गांव में पंचनामा बनवाने

प्रभारी सीडीपीओ कृष्णा निगम ने मंगलवार को कुड़िहार आंगनबाड़ी केंद्र पर जाकर कार्यकर्ता व अन्य ग्रामीणों से दो माह पहले पैकेट वितरण होने का पंचनामा बनवाया है। जबकि दो माह पहले गोदाम पर पोषण आया था। पंचनामा वरिष्ठ अधिकारियों के यहां पर पेश किया है। जबकि हकीकत में हितग्राही को दो दिन पहले पोषण आहार की पैकेट वितरण की गई। जिसकी भास्कर पर हितग्राही से चर्चा में दो दिन पहले पैकेट ले जाने की बात की गई है। कार्रवाई से बचने के लिए अधिकारी उल्टी सीधे पंचनामा बनवा रहे हैं।

अफसरों ने नहीं की बात

जानकारी के लिए महिला बाल विकास संयुक्त संचालक डीके सिद्धार्थ से उनके मोबाइल नंबर 9425635752 व 9826256424 कई बार संपर्क किया गया। लेकिन मोबाइल रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद में वाट्सएप पर जानकारी के लिए मैसेज भी भेजा गया। लेकिन कोई जवाब नहीं आया।

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