सरकारी स्कूलों में 27.17 लाख से बनाए जा रहे टॉयलेट
जिला शिक्षा केन्द्र ने गर्ल्स टॉयलेट्स में पानी उपलब्ध कराने पर जोर
भास्कर संवाददाता | मुरैना
मिडिल स्कूल में अध्ययनरत छात्राओं को टॉयलेट की अच्छी सुविधा मिले इसके लिए रा’य शिक्षा केन्द्र ने 29 स्कूलों में 27 लाख 17 हजार रुपए की लागत से आधुनिक टॉयलेट बनवा रहा है। 30 जून तक निर्माण का लक्ष्य पूरा करने के कड़े निर्देश निर्माण एजेंसियों को दिए गए हैं।
गर्ल्स स्कूलों के निर्माणाधीन 13 टॉयलेट में सेनेटरी उपयोग के लिए इंसीनरेटर लगाए जा रहे हैं। यह प्रयोग सरकारी स्कूलों में प्रदेशभर में पहली बार किया जा रहा है। इंसीनरेटर का निर्माण कराने के लिए जिला शिक्षा केन्द्र ने खास ड्राइंग ठेकेदारों को उपलब्ध करायी है। सहायक यंत्री एके कुलश्रेष्ठ ने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए हैं सभी टॉयलेट के निर्माण कार्य 30 जून तक पूर्ण कर लिए जाएं ताकि नवीन शिक्षण सत्र में छात्राओं को कोई परेशानी ना आए। उल्लेखनीय है कि अभी तक आठ गर्ल्स टॉयलेट व 10 ब्याज टॉयलेट बनाने का काम पूरा हो चुका है। 30 अप्रैल तक सभी टॉयलेट कंपलीट किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। एक-एक टॉयलेट का निर्माण एक लाख 43 हजार रुपए की लागत से किया जा रहा है। राज्य शिक्षा केन्द्र के निर्देशों के मुताबिक सभी प्रसाधनों में पानी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए हैंडपंपों का उत्खनन कराया गया है।
25 मिडिल व 12 प्राइमरी बिल्डिंग तैयार
नवीन शिक्षण सत्र के लिए जिले में 25 मिडिल स्कूल भवन व 12 प्राइमरी स्कूल भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। पौने पांच करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए 37 नवनिर्मित स्कूल भवन जुलाई से पहले संस्था प्रधानों को हैंडओवर कर दिए जाएंगे।