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डेढ़ साल पहले बायपास बनाने का प्रस्ताव था तैयार, निगम ने नए बजट में शामिल नहीं किया

3 वर्ष पहले
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शहर में बढ़ रहे ट्रैफिक को डायवर्ट करने के लिए बायपास मार्ग की आवश्यकता है। नई हाउसिंग बोर्ड कालोनी से निवीं होते हुए आरटीओ बैरियर के पास तक बायपास बनाने का खाका भी डेढ़ साल पहले खींचा गया था लेकिन इस पर अमल नहीं हो सका है। इस कारण शहर के हालात बेकाबू हो रहे हैं।

बायपास बनाने का प्रस्ताव जिला प्रशासन ने डेढ़ साल पहले शासन को भेजा था। लेकिन इसको मंजूरी नहीं मिल सकी है। इसके बाद नगरनिगम ने अपने स्तर से इस बायपास को बनाने के कोई प्रयास शुरू नहीं किए। डेढ़ साल पहले भेजे गए प्रस्ताव के मुताबिक यह बायपास 14.59करोड़ रुपए की लागत से बनाया था। जिसमें प्लान था कि बायपास रोड़ नई हाउसिंग बोर्ड कालोनी से होकर निकाला जाएगा। यह निवीं होते हुए आरटीओ बैरियर के पास वाहनों का पहुंचना सुनिश्चित करेगा। जिससे दीघर जिलों से आने वाले वाहन बैरियर से न होते हुए नए बायपास से होकर गुजर सकेंगे। लेकिन बायपास बनाने की प्रक्रिया अब ठंडे बस्ते में है। नगरनिगम ने इस बार बजट में भी बायपास बनाने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया है।

इस तरह बनना था बायपास

बायपास बनाने का जो प्रस्ताव तैयार हुआ था उसके अनुसार बायपास रोड़ 5.5किलोमीटर लंबा बनाया जाना था। जो न्यू हाउसिंग बोर्ड व निवीं से होता हुए आरटीओ बैरियर के पास तक था। सड़क की चौड़ाई 7 मीटर और सड़क के दोनों ओर एक-एक मीटर के नालों का निर्माण कराया जाना शामिल था। पूर्व कलेक्टर विनोद शर्मा ने इसके लिए साइट देखने को बाद प्रस्ताव शासन को भिजवाया था।

बायपास से यह मिलेगी राहत

निवीं बायपास बनने से ग्वालियर से धौलपुर की ओर आने वाले वाहन इस बायपास से होकर सीधे आरटीओ बैरियर के पास से निकल सकेंगे जिससे बैरियर पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।

बैरियर पर फ्लाईओवर का काम शुरू होना है। निर्माण के समय नेशनल हाईवे के ट्रैफिक को बायपास से होकर डायवर्ट किया जा सकता था।

फ्लाईओवर बनने के बाद भी यह बायपास इसलिए महत्वपूर्ण होगा कि कभी ट्रैफिक जाम या ऐसी कोई अन्य स्थिति में वाहन इस बायपास से आसानी से निकल सकेंगे।

इन निर्माण कार्यों की भी धीमी रफ्तार

शहर के ट्रैफिक को डायवर्ट करने के लिए वीआईपी रोड भी बनाई जा रही है। लेकिन अधिकारी इस सड़क को बनवाने में लापरवाही बरत रहे हैं। कभी बिजली पोल शिफ्टिंग तो कभी सरकारी क्वार्टरों के हटाने के मुद्दे पर काम रुक जाता है। अन्य विभागों से पत्राचार का हवाला देकर नगरनिगम अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं इसलिए काम धीमी रफ्तार से चल रहा है। प्रशासनिक अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। यह सड़क बनने से ग्वालियर की ओर आवागन करने वाले वाहन सीधे एसपी ऑफिस के बगल नेशनल हाईवे पर निकल सकेंगे।

फ्लाईओवर का निर्माण भी शहर के लिए बेहद आवश्यक है। इसके लिए सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने मार्च महीने में काम शुरू करने की बात कही थी। लेकिन सर्विस लेन पर अतिक्रमण व अन्य तरह की मजबूरियां बताकर काम को टाल दिया। अब कफ्र्यू के कारण रेलिंग न हट पाने व निर्माण के लिए मुख्यालय से तारीख न मिल पाने की बात कहकर अधिकारी इस काम को शुरू नहीं करा रहे।

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