न रजिस्ट्रेशन न फिटनेस फिर भी शहर में संचालित हो रहे ई-रिक्शा
ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों के बाद भी वाहन संचालन के मामले में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है
भास्कर संवाददाता | मुरैना
ई-रिक्शा संचालन के लिए भारत सरकार ने गजट नोटिफिकेशन कर दिया है फिर भी परिवहन विभाग के अफसर ना रजिस्ट्रेशन चेक कर रहे हैं और ना ही फिटनेस। इसके चलते शहर में वाहनों का अवैध संचालन तेजी से बढ़ा है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में यह मुद्दा चर्चा में रहने के बाद भी पुलिस प्रशासन कार्रवाई से परहेज किए हुए है।
शहर में एमएस रोड पर ई-रिक्शा का अवैध संचालन बीते एक साल में तेजी से बढ़ा है लेकिन परिवहन विभाग से लेकर ट्रैफिक पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। यही कारण है कि चार प्लस एक यात्री संख्या से पास ई-रिक्शा में सात से आठ सवारी बैठाकर संचालन किया जा रहा है। रात के समय ई-रिक्शा ड्राइवर हैड लाइट भी नहीं चालू करते क्योंकि ऐसा करने से बैटरी की अधिक खपत होती है। बेशक दुर्घटना हो जाए। ई-रिक्शा मालिकों ने वाहनों के रजिस्ट्रेशन नहीं कराए हैं। ड्राइविंग लाइसेंस तक ड्राइवरों के पास नही हैं।
पहचान से दूर हैं ड्राइवर
ऑटो रिक्शा से लेकर थ्री-व्हीलर विक्रम व ई-रिक्शा के ड्राइवर का नाम क्या है वह कहां का रहने वाला है। उसके खिलाफ किसी थाने में कोई अपराध तो पंजीबद्ध नहीं है। इत्यादि जानकारी ट्रेफिक पुलिस से लेकर कोतवाली, सिविल लाइन व स्टेशन रोड थाने के पास होना चाहिए लेकिन इस आशय का रिकार्ड बीते दो साल में पुलिस ने अपने पास तैयार नहीं किया है। आलम है कि तीन पहिया चलाने वाले ड्राइवरों के पास ना तो वर्दी है और ना ही नेम प्लेट।