ज्ञापन में अप्रैल 2014 से बढ़े हुए भवन किराए के भुगतान का मुद्दा भी
भास्कर संवाददाता | मुरैना
आंगनबाड़ी केन्द्रों को छह महीने से भवन किराए का भुगतान नही किया गया है। इसके अलावा बढ़े हुए भवन किराए के एरियर का भुगतान भी लंबित है। इन मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका एकता यूनियन सीटू ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप का अनुरोध किया है।
यूनियन की महासचिव प्रसून राठौर का कहना है कि मुरैना शहरी परियोजना के तहत संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों को अक्टूबर 2017 से भवन किराए का भुगतान नहीं किया गया है। इस कारण मकान मालिकों ने भवन खाली करने के नोटिस दे दिए हैं। अव्वल तो विभाग अपने खुद के भवन नहीं बना पा रहा है और जो केन्द्र किराए के भवनों में संचालित हैं उनके नियमित भुगतान को लेकर गंभीर नहीं है।
अंबाह परियोजना के आंगनबाड़ी केन्द्रों को जनवरी 2017 से भवन किराए का भुगतान नहीं किया गया है। इस कारण कार्यकर्ता परेशान हैं। यूनियन अध्यक्ष सीमा दोनेरिया का कहना है कि अप्रैल 2014 में महिला बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी केन्द्रों के किराए में बढ़ोतरी के आदेश जारी किए थे उसके एरियर का भुगतान भी कार्यकर्ताओं को नहीं किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी इस मामले में पूर्व के ज्ञापनों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर सके हैं। यदि भवन किराए का भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री की घोषणा पर भी अमल हो
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका एकता यूनियन सीटू ने कहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि कार्यकर्ता को 10 हजार रुपए प्रति माह मानदेय व सहायिका को 5000 रुपए मानदेय दिया जाए। सीएम की उस घोषणा पर विभाग जल्द अमल करे।