घटना शनिवार को टीकरी गांव में हुई रिठौरा थाना पुलिस ने एफआईआर के लिए रेंजर को तीन घंटे इंतजार कराया
भास्कर संवाददाता | मुरैना
मवई वनक्षेत्र की अवैध खदान से खनन कर लाए जा रहे पत्थरों से भरे ट्रैक्टर-ट्राली को छुड़ाने के लिए खनिज माफिया ने शनिवार की सुबह 9.30 बजे वन अमले पर टीकरी गांव के सामने हमला कर दिया और पत्थर से लदा वाहन ले भागे। हमले में तीन कर्मचारियों को चोट आई है। रिठौरा थाना पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ शासकीय कार्य में हस्तक्षेप का मुकदमा कायम किया है।
जानकारी के मुताबिक, प्रभारी रेंजर सुखदेव अरोरा व उनकी टीम के एक दर्जन वनरक्षकों ने शनिवार की सुबह आठ बजे मवई वन क्षेत्र कक्ष आरएफ 32 से पत्थरों से भरा ट्रैक्टर-ट्राली पकड़ लिया। वन टीम को देख ड्राइवर वाहन छोड़कर भाग गया। वन अमला ट्रैक्टर-ट्राली को जब्त कर शनिश्चरा वनचौकी ला रहा था उसी दौरान सुबह 9.30 बजे टीकरी गांव के सामने मौजूद लठैतों ने ट्रैक्टर-ट्राली को रोकने के लिए वन टीम पर पथराव किया। और लाठी भी मारी। जिससे वन रक्षक चौहान, ड्राइवर महेश धाकड़ समेत रेंजर अरोरा को चोट आईं। हमले के दौरान ग्रामीण पत्थरों से भरे ट्रैक्टर-ट्राली को छुड़ाकर ले गए। वन अमला एफआईआर दर्ज कराने के लिए रिठौरा थाने पहुंचा वहां उसे मुकदमा दर्ज कराने तीन घंटे इंतजार करना पड़ा।
इधर पुलिस ने रेत खाली कराकर ट्रैक्टर-ट्रॉली को छोड़ दिया
एक अन्य घटनाक्रम में रिठौराकलां थाना पुलिस ने शनिवार को रेत से भरे एक ट्रैक्टर-ट्राॅली को थाने में लाने के बाद रेत खाली कराकर छोड़ दिया। थाना प्रभारी राजकुमार सिंह का कहना है कि रेत जनभागीदारी से चल रहे निर्माण कार्यों के लिए मंगाया गया है।