जेलर बीएल शुक्ला ने घटना की जानकारी देने के बजाय पूरे मामले पर पर्दा डाला
भास्कर संवाददाता | मुरैना
जेल में बंद बंदियों के बीच शनिवार को विवाद हो गया। खबर है कि तू-तू-मैं-मैं से शुरू हुई तकरार मारपीट तक पहुंच गई। बाद में जेल प्रशासन को साइरन बजाकर सभी कर्मचारियों को मौके पर बुलाना पड़ा और डंडा चलाया गया तब कहीं जाकर स्थिति काबू हुई। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देने से जेलर बीएल शुक्ला ने स्पष्ट रूप से इंकार कर दिया।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जेल के अंदर विवाद महावीरा पंडित व खिल्लो राजौरिया ग्रुप में हुआ। विवाद बढऩे के बाद जेल प्रशासन को स्थिति काबू करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। सूत्र बताते हैं कि यह विवाद जेल प्रशासन द्वारा बंदियोंं के साथ सौतेला व्यवहार किए जाने को लेकर हुआ। सूत्रों की माने तो जेल में कुछ बंदियो के पास सुख-सुविधाएं की वस्तुएं पहुंच रही हैं। जेल प्रशासन की कुछ चुनिंदा बंदियों पर की जा रही यह मेहरवान अन्य बंदियोंं को रास नहीं आ रही क्योंकि उन पर नियम प्रभावी किए जा रहे हैं। यही बात शनिवार को विवाद का कारण बन गई।
घटना की जानकारी के संबंध में जेलर बीएल शुक्ला से बात की गई तो उन्होंने इतना तो कहा कि एक ही घटना के बंदियो में बातचीत हो रही थी लेकिन विवाद या मारपीट की घटना से उन्होंने इंकार कर दिया। सूत्रों ने तो यहां तक बताया कि है कि जेल में बंद एक ग्रुप द्वारा बंदियों से वसूली की जा रही है। वहां खाने-पीने की वस्तुएं महंगे रेट पर बेची जाती हैं और मुनाफे की रकम जेल स्टाफ तक पहुंच रही है।