कला एवं संस्कृति सम्मेलन में वक्ताओं ने बताया गीत-संगीत का महत्व
मुंबई से आई फिल्म अभिनेत्री मोनिका पटेल ने कहा कि जीवन के लक्ष्य को साधने के लिए गीत-संगीत का अहम योगदान है। संगीत के माध्यम से नई पीढ़ी को भारत की गौरवशाली प्राचीन संस्कृति से रूबरू करवाकर जोड़ा जा सकता है। मन के भीतर व बाहरी व्यवहारिकता में असमानता की परिपाटी में जीने वाले लोग ने केवल सामाजिक ढांचे को अव्यवस्थित करते है, बल्कि वे स्वयं के जीवन को भी तनावमय बना लेते है। वे मंगलवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ज्ञान सरोवर अकादमी परिसर में कला एवं संस्कृति प्रभाग की ओर से आयोजित सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस मौके त्रिवेंद्रम से आए प्रसिद्ध मोटिवेशनल ट्रेनर डॉ. इत्तुमन्नूर कानन ने कहा कि बह्माकुमारी संगठन की ओर से आयोजित राजयोग शिविरों के जरिए संगीत के क्षेत्र में गहरा असर पड़ा है। कलाकारों में भी मेडिटेशन की उत्सुकता बढ़ रही है। ब्रह्माकुमारी संगठन के मल्टीमीडिया चीफ करुणा ने कहा कि सुरक्षा सम्मान और समता संसार से लुप्त होते जा रहे है। इस मौके फिल्म अभिनेत्री अंजिल, आसाम से आए मोटिवेशनल ट्रेनर डॉ. भभानंदा भोरभायन, कलाकार पांडुरंग गायकवाड़, प्रभाग मुख्यालय संयोजक दयाल महंत, सतीश कुमार, राजयोग प्रशिक्षिका प्रेम बहन, तपस्विनी बहन, किंजल बहन व रमेश कुमार ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
माउंट आबू. ब्रह्माकुमारी संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में मंचासीन अतिथि।