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समाज निर्माण में आध्यात्मिक शिक्षा का बताया महत्व

3 वर्ष पहले
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दिल्ली उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि अध्यात्म की शक्ति विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर को विकसित करने में सक्षम है। बेहतर समाज निर्माण के लिए अध्यात्मिक शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। वर्तमान में ऐसी शिक्षा प्रणाली की जरूरत है जिसे आतंकवाद, भ्रष्टाचार, पर्यावरण प्रदूषण को समाप्त किया जा सके। जब तक मूल्यों को स्वयं के संस्कारों में आत्मसात नहीं किया जाता है तब तक शिक्षा का मकसद पूरा नहीं होगा। वे शनिवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के ज्ञान सरोवर में शिक्षा प्रभाग की ओर से स्वसशक्तिकरण के लिए मूल्य एवं आध्यात्मिकता विषय पर आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन के उदघाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वकील, डॉक्टर, इंजिनियर बनने के साथ मूल्यवान इन्सान बनने की ओर कदम बढ़ाए जाने की अति आवश्यकता है। सरकारी स्कूलों की शिक्षा के स्तर को गुणवत्ता बनाये जाने पर बल दिया जाना चाहिए। हमने स्कूलों में प्रारंभ में पांच मिनट का मेडिटेशन अनिवार्य किया है। इस मौके ब्रह्माकुमारी संगठन की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहनी ने कहा कि मूल्यनिष्ठ शिक्षा जीवन को सत्यता से जीना सिखाती है। कर्नाटक केंद्रीय विश्वविद्यालय कुलपति एच एम महेश्वरैय्या ने कहा कि मूल्यों की शिक्षा हर यूनिवर्सिर्टी में जरूरी है। कार्यक्रम को लखनऊ केंद्रीय विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफेसर एसपी सिंह, राजयोगिनी शुक्ला बहन, ब्रह्माकुमारी संगठन सचिव निर्वेर, शिक्षा प्रभाग अध्यक्ष मृत्युजंय, दूरस्थ मूल्य शिक्षा कार्यक्रम निदेशक डॉ. पंडयामणि, शिक्षा प्रभाग राष्ट्रीय संयोजक डॉ. हरीश शुक्ला, सुमन बहन, दूरस्थ मूल्य शिक्षा कार्यक्रम राष्ट्रीय संयोजक डॉ. आरपी गुप्ता, प्रोफेसर मुकेश ने भी विचार व्यक्त किए।

माउंट आबू. ब्रह्माकुमारी संस्थान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ करते अतिथि।

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