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शिक्षक सम्मेलन में चरित्र की गरीबी दूर करने के लिए आध्यात्म से परिपूर्ण शिक्षा देने की बताई जरूरत

3 वर्ष पहले
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ब्रह्माकुमारी संगठन के ज्ञान सरोवर में शिक्षा प्रभाग की ओर से आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन सोमवार को किया गया। सम्मेलन के मुख्य वक्ता नैनीताल कुमौन यूनिवर्सिटी यूजीसी एचआरडीसी निदेशक प्रो. बीएल साह ने कहा कि चरित्र की गरीबी को दूर करने के लिए आध्यात्म से परिपूर्ण शिक्षा देने की जरूरत है। प्रतिस्पर्धा के दौर में युवा पीढ़ी में अनुशासनप्रियता, देशभक्ति की भावना, सामाजिक पुनर्निर्माण के कार्यों में रूचि पैदा करने को शिक्षा शास्त्रियों का अहम दायित्व है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर शिक्षा से चरित्रवान संस्कारों का निर्माण असंभव है। नैतिक मूल्यों से संपन्न शिक्षक ही शिक्षा के माध्यम से चरित्र की गरीबी को दूर कर सकते है। विजयवाड़ा सविथा अमरावती यूनिवर्सिटी कुलपति डॉ. एनएम वीरयन्ना ने कहा कि समूचे विश्व के मनोबल, चरित्रबल व ज्ञानबल बढ़ाने को ब्रह्माकुमारी संगठन के साथ अन्य विश्वविद्यालयों को भी पुरातन भारतीय संस्कृति को अक्षुण्य रखने का भागीरथ कार्य करना चाहिए।

शिक्षा प्रभाग अध्यक्ष मृत्युंजय ने कहा कि विचारों की, आचरण की व संस्कारों की गरीबी को दूर करने से समाज को सुधारने की प्रक्रिया को गतिमान किया जा सकता है। प्रभाग की क्षेत्रीय संयोजिका शशि ने कहा कि शिक्षा विभिन्न वर्गों को आपस में जोड़ना सिखाती है। प्रभाग के अधिशासी सदस्य युधिष्ठिर, लुधियाना से आए हरदीप, अहमदबाद से आई हेमा बहन ने भी विचार व्यक्त किए।

शिक्षक सम्मेलन

ब्रह्माकुमारी संस्थान में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षक सम्मेलन का समापन

माउंटआबू. ब्रह्माकुमारी संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में मंचासीन अतिथि।

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