मीरथल के पास टेढ़ी रेल पटरी से अहमदाबाद एक्सप्रेस गुजर गई लेकिन ट्रेन के गार्ड को झटका महसूस हुआ तो उसने फिरोजपुर रेल मंडल कंट्रोल रूम को सूचना दी। कंट्रेल रूम ने मालवा एक्सप्रेस, हिम सागर एक्सप्रेस और मद्रास एक्सप्रेस को आस-पास के स्टेशनों पर रुकवा दिया। एक घंटे तक ट्रैक रोके जाने के कारण दिल्ली-जम्मू रेल लाइन की कई कई ट्रेनें 3 घंटे तक देरी से चलीं। ट्रैक ठीक करने के बाद ट्रेनों को रवाना किया गया। सोमवार दोपहर 3 बजे अहमदाबाद-जम्मू एक्सप्रेस मीरथल क्रास कर रही थी। ट्रेन के गार्ड आरसी डोगरा को झटके महसूस हुए। उन्होंने कंट्रोल रूम को सूचना दी। हालांकि ट्रेन मीरथल क्रास कर पठानकोट पहुंच गई। कुछ देर में मालवा एक्सप्रेस ट्रेन मीरथल क्रास करने वाली थी लेकिन कंट्रोल रूम ने उधर से गुजरने वाली ट्रेनें आस-पास के स्टेशनों पर रोक दीं। ट्रेनों को रोक कर ट्रैक की जांच की गई। रेलवे कर्मचारियों ने स्लीपर चेंज कर ट्रैक ठीक किया। फिरोजपुर मंडल से ट्रैक को क्लियरेंस मिलने के बाद ही ट्रेनों को रवाना किया गया।
रेलवे ट्रैक में खराबी आने से जम्मू को जाने वाली गाड़ियां पहुंची तीन घंटे की देरी से
ट्रेनों को मीरथल, मुकेरियां व भंगाला स्टेशन पर रोका
ट्रैक में खराबी के कारण दिल्ली से चल कर जम्मू की ओर आने वाली मालवा एक्सप्रेस को मीरथल में एक घंटे तक रोका गया। इसके अलावा हिमसागर एक्सप्रेस को मुकेरियां में रोक लिया गया। मद्रास एक्सप्रेस को भंगाला में रोक दिया गया। क्लियरेंस के बाद ही गाड़ियों को जम्मू के लिए रवाना किया गया। गार्ड की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। सीनियर डीओएम फिरोजपुर सुधीर कुमार ने कहा कि ट्रेन 19223 के गार्ड आरसी डोगरा की रिपोर्ट के बाद ट्रेनें रोककर ट्रैक ठीक किया गया।
मीरथल स्टेशन का फोन भी था खराब | पटरी खराब होने की खबर देने के लिए जब मीरथल स्टेशन पर अफसरों ने फोन किया तो स्टेशन का फोन ही खराब था। मीरथल स्टेशन का फोन नं.0186-67607 खबर लिखे जाने तक ठीक नहीं कराया गया। स्टेशन मास्टर धीरज कुमार भी वहां मौजूद नहीं मिले। ऐसा तब है जब साल 2004 में मीरथल के पास ही मानसर में सिस्टम में खराबी के कारण ही दो ट्रेनें एक ही पटरी पर आ गई थीं और टक्कर में 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।