भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं
कर्नाटक में कांग्रेस व जेडीएस गठबंधन मिल कर बहुमत की स्थिति में होने के बावजूद सरकार बनाने के लिए बुलावा नहीं देने के विरोध में कांग्रेस की ओर से शुक्रवार को कलेक्ट्री पर दिया धरना पार्टी के सभी गुटों को एक जाजम पर ले आया। अभी तक कांग्रेस में गुटबाजी के चलते सारे कांग्रेसी एक साथ किसी धरने में शामिल नहीं होते थे। हालांकि इस धरने पर कांग्रेस पर कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष नजर नहीं आए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बनने के बाद पहली बार झुंझुनूं आए पूर्व मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने धरने पर मौजूद लोगों से कहा कि कर्नाटक में राज्यपाल ने नियमों की धज्जियां उड़ा कर भाजपा की सरकार बनाने की कोशिश की है। यह लोकतंत्र की हत्या करने जैसा है। कांग्रेस और जेडीएस के पास पर्याप्त संख्या बल होने केे बावजूद भाजपा को सरकार बनाने का न्यौता अलोकतांत्रिक है। डॉ. सिंह ने कहा कि देश में भय एवं अराजकता का माहौल है। गरीब, किसान मजदूर, युवा एवं व्यापारी दुखी है। नोटबंदी ने लोगों की कमर तोड़ दी है।
वक्ता बोले-मोदी व शाह के दबाव में राज्यपाल ने लोकतंत्र को कमजोर बनाने का काम किया
झुंझुनूं . कर्नाटक में चले घटनाक्रम के विरोध में झुंझुनूं में कलेक्ट्रट के बाहर लोकतंत्र बचाओ धरने पर बैठे जिले के कांग्रेसी।
झुंझुनूं विधायक बृजेंद्र ओला ने कहा कि अमित शाह एवं माेदी के दबाव में कर्नाटक के राज्यपाल लोकतंत्र को कमजोर बनाने का काम कर रहे हैं। कांग्रेस जेडीएस गठबंधन के पास बहुमत होने के बावजूद राज्यपाल ने भाजपा के येद्दियुरप्पा को सरकार बनाने के लिए बुलावा दिया। लोकतंत्र बचाने के लिए कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट गई है, हालांकि कोर्ट ने भी शनिवार शाम तक बहुमत साबित करने के निर्देश दिए हैं। नवलगढ़ विधायक डॉ. राजकुमार शर्मा ने कहा कि भाजपा के लोग येन केन प्रकारेण सत्ता में रहना चाहते हैं। झूठे वादे कर सत्ता में हासिल करने वाली भाजपा सरकार लोकतंत्र का गला घोंट रही है। पूर्व विधायक रीटा चौधरी ने कहा कि भाजपा की साजिशों से कांग्रेस कार्यकर्ता सजग रहे। एकजुट होकर विरोध करें। धरने को जेपी चंदेलिया, जिला महामंत्री खलील बुडाना, जिला परिषद सदस्य दिनेश सुंडा, प्यारेलाल ढूकिया, ताराचंद गुप्ता, कांग्रेस ओबीसी जिलाध्यक्ष मुरारी सैनी, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष बिमला बेनीवाल, सेवादल के प्रदेश संगठन मंत्री एमडी चोपदार, प्रधान सुशीला सीगड़ा, नवलगढ़ पालिकाध्यक्ष सुरेंद्र सैनी, मुकुंदगढ़ पालिकाध्यक्ष सत्यनारायण सैनी, सूरजगढ़ पूर्व प्रधान शेर सिंह नेहरा, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव रियाज फारूकी, भीखा भाई, ब्लॉक अध्यक्ष सलीम सीगड़ी, मंडावा के पूर्व पालिकाध्यक्ष सज्जन मिश्रा, मनोज मील, इमामुद्दीन भाटी, विनोद पूनिया, सुनील जानू, लालचंद सैनी, सुमित्रा सैनी समेत अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता थे। डॉ. जितेंद्र सिंह के अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार हुए धरने में कांग्रेस के सभी गुटों की भागीदारी नजर आई। एक दशक से कांग्रेस में गुटबाजी के चलते धरनों, कार्यक्रमों एवं बैठकों में सभी गुट शामिल नहीं होते थे। शुक्रवार को सभी गुटों के सदस्य नजर आए।