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एक हैंडपंप ने माथनी के लोगों को सिखाया भईचारा

3 वर्ष पहले
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गांव में विरोध होने के कारण नहीं हो सकी थी प्राण प्रतिष्ठा, लेकिन रघुवंशी ने नहीं मानी हार

मां गायत्री की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा

मंदिर परिसर में स्थापित हैंडपंप

कब क्या हुआ

रामशंकर सिंह रघुवंशी ने 1979 में हरिद्वार में आचार्य श्रीराम शर्मा के समक्ष अपने गांव में गायत्री प्रतिमा की स्थापना का संकल्प लिया। गांव लौटकर ग्रामीणों से इस कार्य को पूरा करने सहयोग मांगा तो विरोध शुरू हो गया। 1982 में पंचायत ने मंदिर निर्माण के लिए जमीन दे दी। ग्रामीणों ने 1982 में मां गायत्री की प्राण प्रतिष्ठा करने के लिए छोटा सा मंदिर बनाया। जलसंकट को देखते हुए 1985- 86 में हैंडपंप खनन करवाया गया। मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा नहीं होने से यह खराब हो गया तो 2005 में नया मंदिर बनाया गया।
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