ग्राम पिंडरई निवासी विधवा फुलमत बाई उइके का 16 मई को गांव के ही एक किसान की गन्नाबाड़ी में मिला था। फुलमत बाई के गाल और गर्दन पर चोट के निशान थे। शव के पास अनाज के बोरे उठाने का हुक और लाल गमछा पड़ा था। हुक और गमछे के साथ पुलिस इस मामले की तह तक पहुंचने में जुट गई। पूछताछ के दौरान हुक और गमछा गांव में ही रह रहे रामराव जगदेव के होने का खुलासा हुआ। पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ की तो मामले की परत खुलते चली गई। रामराव ही फुलमत बाई का हत्यारा निकला। रामराव ने शराब के नशे में फुलमत बाई के साथ विवाद कर गमछे से गला घोटकर हत्या कर दी। घटना के बाद से रामराव फरार है। पुलिस ने रामराव के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी।
मजदूरी करता था रामराव
मूलत: रामराव ग्राम नरसला थाना लावाघोघरी जिला छिंदवाड़ा का रहने वाला है। पिता सुखराम ने उसकी मां को छोड़ दिया था। इसके बाद से वह अपनी मां के साथ पिंडरई में आकर रहने लगा था। रामराव मजदूरी कर पेट पालता था।
रामराव के साथ नजरपुर गई थी महिला
पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ की तो पता चला 15 मई की शाम फुलमत बाई पुत्र को समीपस्थ ग्राम नजरपुर जाने का कहकर निकली थी। उसके साथ रामराव भी नजरपुर गया था। नजरपुर पहुंचकर रामराव और फुलमत बाई ने समरलाल उइके के घर पर उदल, रामबाई, शिवराज, अंजु बिसंद्रे के साथ बैठकर शराब पी थी। शराब पीने के बाद फुलमत बाई और रामराव पैदल गांव लौट रहे थे। रास्ते में रामराव का किसी बात को लेकर फुलमत बाई के साथ विवाद हुआ। विवाद में रामराव ने गमछे से फुलमत बाई का गला घोटकर हत्या कर दी। इसके बाद रामराव फरार हो गया। शव के पास हुक और गमछा छूट गया। पुलिस को साक्षियों ने गमछा रामराव का होना बताया। जांच उपरांत पुलिस ने रामराव जगदेव के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है।