धरना स्थल पर डॉ. मोदी को समझाने का प्रयास करते एसडीएम और टीआई।
भूख हड़ताल का 5वां दिन
भास्कर संवाददाता| सारनी
शहर के अस्तित्व को बचाने की लड़ाई लड़ रहे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ. कृष्णा मोदी 5वें दिन भी भूख हड़ताल पर डटे रहे। चौथे दिन के मुकाबले उनकी हालत कुछ स्थिर रही। हालांकि बीपी, शूगर लगातार लाे हो रहा है। प्रशासन की ओर से रविवार सुबह टीआई महेंद्रसिंह चौहान श्री मोदी को मनाने पहुंचे, लेकिन वे नहीं माने। उन्होंने कहा वरिष्ठ अधिकारी आएं और लिखित आश्वासन दें तभी हड़ताल खत्म होगी।
कृष्णा मोदी की भूख हड़ताल से प्रशासनिक अधिकारी भी परेशान हैं। शनिवार रात 8 बजे एसडीएम शाहपुर, तहसीलदार और टीआई महेंद्र सिंह ने श्री मोदी का हाल जानने पहुंचे। यहां उनसे हड़ताल तोड़ने का आग्रह किया। मगर, श्री मोदी ने कहा खदान, प्लांट स्थापना और औद्योगिक क्षेत्र विकास के कागजात दिखाएं। नहीं तो डब्ल्यूसीएल, पावर जनरेटिंग कंपनी और जिला प्रशासन के अधिकारियों की टीम बनाकर उनसे रिपोर्ट तैयार कराएं। इसके बाद ही वे मानेंगे। जन आंदोलन के समर्थन में अभा ओबीसी महासभा के योगेश धामोड़े, दीपक पाल, पावेश कावड़े, माधुरी साबले, डाली मालवीय, पारस भोपते मौजूद रहे। जन आंदोलन मंच मुलताई के संयोजक रवि यादव, समाजवादी पार्टी के अनिल सोनी, महेश शर्मा, संतोष सराठे, हमीद भाई, बीआर घोरसे ने आंदोलन को संबोधित किया।
भाजपाइयों ने मोदी की मांगें मानी जायज, लेकिन भूख हड़ताल सही नहीं
डॉ. कृष्णा मोदी की भूख हड़ताल को तुड़वाने रविवार रात 8 बजे भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे। भाजपा के नेताओं ने मोदी की सारी मांगों को जायज मानते हुए उनके धरने को समर्थन दिया। भाजपाइयों ने कहा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मोदी देश की धरोहर हैं। पीजे शर्मा, रंजीत सिंह, कमलेश सिंह, श्याम मदान, सुधा चंद्रा, मनोज डेहरिया, भीम बहादुर थापा, संजय अग्रवाल ने कहा सभी मांगों पर कार्रवाई चल रही है। मगर, शासकीय प्रक्रिया की समय सीमा नहीं बताई जा सकती। मोदी जी को हड़ताल तोड़कर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने खुले मंच से मोदी की हड़ताल का समर्थन किया। मंच से भाजपा विरोधी बातें करने पर उन्होंने आपत्ति भी ली। मोदी ने बाद में इसे लेकर अफसोस जाहिर किया।