संत पुणवंत महाराज का निधन, आज होगी समाधि
लाखनवाड़ी (महाराष्ट्र) के संत गुणवंत बाबा के प्रथम शिष्य संत पुणवंत महाराज का रविवार को ब्रेन हेमरेज के कारण निधन हो गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए आसपास के क्षेत्रों के साथ ही महाराष्ट्र से शिष्य का मुलताई पहुंचे। संत पुणवंत महाराज (86) ग्राम मासोद के पास स्थित सावंगी जोड़ के आश्रम में थे। शनिवार रात उनका स्वास्थ्य खराब होने पर शिष्यों ने उन्हें उपचार के लिए बैतूल अस्पताल पहुंचा। रविवार की दोपहर उनका निधन हो गया। गुणवंत भगवान मंदिर संस्थान के सदस्यों ने बताया 16 अप्रैल को सुबह 9 बजे मंदिर से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए ताप्ती सरोवर की परिक्रमा कर मंदिर परिसर पहुंचेगी। जहां महाराज श्री को समाधि दी जाएगी। शिष्यों ने बताया पुणवंत महाराज मूल रूप से महाराष्ट्र के वडुरा के निवासी थे। 1982 में उन्होंने जनसहयोग से बस स्टेंड के सामने पारेगांव रोड पर अपने गुरू गुणवंत महाराज के नाम से आश्रम और धर्मशाला का निर्माण किया। दो साल पहले आश्रम में गुणवंत महाराज का मंदिर भी बनाया।
पुणवंत महाराज के अंतिम दर्शन के लिए भक्तों का पहुंचना हुआ शुरू