पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • 12 हजार की आबादी वाले 5 गांवों में नहीं प्राथमिक उपचार तक की सुविधा

12 हजार की आबादी वाले 5 गांवों में नहीं प्राथमिक उपचार तक की सुविधा

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मुंडावर | आजादी के 70 साल बाद भी मुंडावर उपखंड क्षेत्र के अनेक गांव आज भी ऐसे जिनमें चिकित्सा सुविधा का अभाव है। चिकित्सा सुविधा तो छोडिये इनमें प्राथमिक उपचार तक नहीं मिलता। दरबारपुर,अहीर भगोला, जाट भगोला, सुंदरवाड़ी एवं नाहरखेड़ा की आबादी लगभग 12 हजार है, लेकिन इन गांवों में सरकारी स्तर पर प्राथमिक उपचार की भी उम्मीद नहीं की जा सकती। ग्रामीणों को मुंडावर, बहरोड, बावल व रेवाड़ी जैसे कस्बों की ओर जाना पड़ता है। वहां तक पहुंचने में कई बार इतना समय लग जाता है कि मरीज की जान तक जोखिम में आ जाती है। हालात तो तब और बुरे हो जाते हैं जब मुंडावर सामुदायिक अस्पताल से भी मरीज को अलवर रैफर कर दिया जाता है। जन प्रतिनिधियो का ग्रामीणों की इस समस्या की ओर ध्यान ही नहीं है। जाट भगोला निवासी जसवंत शर्मा का कहना कि हमारे गांव में आजादी के 70 साल बाद भी कोई चिकित्सा के नाम पर कोई सुविधा नहीं है। वहीं नाहर खेड़ा की शालू यादव का कहना है कि जन प्रतिनिधियो को इस ओर ध्यान देना चाहिए। गांव में कोई चिकित्सा सुविधा न होने से ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर-दराज स्थानों पर जाना पड़ता है। छात्र अभिनव शर्मा का कहना है कि चिकित्सा सुविधा के लिए लोगो को बाहर जाना पड़ता है।मरीज के समय पर अस्पताल न पहुंचने से उसकी जान को भी खतरा होता है।

इतनी बडी आबादी पर एक संपूर्ण सुविधा सम्पन्न चिकित्सालय होना चाहिए।क्षेत्र की जनता को इन सुविधाओं के अभाव में भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। भगवानसहाय शर्मा, शिक्षाविद दरबारपुर

खबरें और भी हैं...