बुधवार को जब जियोस की बैठक में पेयजल व्यवस्था की
बुधवार को जब जियोस की बैठक में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा चल रही थी तब हमने जिले के कुछ गांवों में पहुंचकर वहां पेयजल व्यवस्था की पड़ताल की तो सच कुछ और ही निकला। मुंगावली ब्लॉक के जारसल गांव में दोपहर में करीब 50 से अधिक महिलाएं, बच्चें, युवा हाथों में बर्तन लेकर 2 किमी दूर पानी भरने जा रहे थे। जब गांव के राजू आदिवासी, मोतीलाल, लाल सिंह, प्रेमाबाई, प्रतिपाल, रामरति से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि गांव में जो हैंडपंप है वह करीब दो माह पहले सूख गया है। दूसरा हैंडपंप स्वीकृत है लेकिन लगाया नहीं गया।
ग्रामीणों ने कहा सब झूठ, गंदा पानी पी रहे हैं- करीब 150 परिवारों की बस्ती के लोग दो किमी दूर 10 साल पहले खुदे कुएं से पानी भरकर ला रहे थे।