बहुचर्चित डाइट हमीरपुर स्थित गौना के एक पद पर दो प्रिंसिपलों की तैनाती के मामले में चल रही खींचतान का मामला पुलिस तक पहुंचने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है। हुआ यूं कि डाइट में प्रिंसिपल राजिंद्र पाल शर्मा ने स्टाफ के साथ मीटिंग रखी हुई थी। जिसकी पुष्टि करते हुए शर्मा ने बताया कि मीटिंग में कुछ महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा चल रही थी कि जगदीश कौशल अचानक मीटिंग में आ गए और उपस्थित स्टाफ को कहने लगे कि संस्थान का प्रिंसिपल मैं हूं और मेरी इजाजत के बिना कोई भी मीटिंग डाइट में नहीं हो सकती। जिस पर स्टाफ के सदस्य उठकर बाहर चले गए। शर्मा ने कहा कि कौशल मेरी शक्तियों का सदुपयोग करने में अड़ंगा डाल रहे है, जबकि मामला अभी तक कोर्ट में है। इस लिए मैंने अलग से हाजिरी रजिस्टर मेंटेन कर रखा है।
उधर कौशल ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि मैंने कोर्ट के आदेशों पर ज्वाइनिंग की है और स्टे लिया हुआ है। उन्होंने कहा कि मेरी नियुक्ति इसी संस्थान में है और डाइट में केवल एक प्रिंसिपल होता है। मेरी मर्जी के बगैर शिक्षण संस्थान में कोई भी मीटिंग नहीं हो सकती। इसके लिए मैंने अपने स्टाफ को भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मैंने कोई पुलिस में शिकायत नहीं करवाई, परंतु बीते चार दिन पहले राजेंद्र पाल शर्मा ने प्रिंसिपल कार्यालय में एक टेबल चेयर लगाने की बात की थी, जिसे नहीं स्वीकारा गया और इस बात को शर्मा ने बेवजह तूल दिया व मामला पुलिस तक पहुंचा। कौशल ने कहा कि शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान में एक ही प्रिंसिपल होता है, जो मैं हूं। प्रिंसिपल 5 वर्षों तक एक ही संस्थान में सेवाएं दे सकता है और मेरा डेढ़ वर्ष का समय अभी बाकी है और कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, उसे माना जाएगा। काबिलेगौर है कि डाइट के प्रिंसिपल कौशल का तबादला 13 मार्च को शिमला के सीनियर सेकंडरी स्कूल खनेटी सदोच में हुआ था और वहां से आए राजेंद्र पाल ने 14 मार्च को संस्थान में ज्वाइनिंग दी थी और कौशल को रिलीव कर दिया था। उसके बाद यह तबादले का मामला तीन-चार बार स्टे और रिलीव में उलझा रहा।