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आयुक्त के फर्जी हस्ताक्षरों से भवन निर्माण स्वीकृति का आवेदन निरस्त, मामला दर्ज

3 वर्ष पहले
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भरतपुर | नगर परिषद के तत्कालीन आयुक्त के फर्जी हस्ताक्षरों से भवन निर्माण स्वीकृति का आवेदन निरस्त कर दिया गया, जिसका मामला जरिए इस्तगासा मथुरागेट थाना में मंगलवार को दर्ज कराया गया है।

नदिया मोहल्ला निवासी रविंद्र कुमार गुप्ता ने कोडियान मोहल्ला के जिला उद्योग केन्द्र के पूर्व महाप्रबंधक उमेश मुदगल, नीम दरवाजा के नगर निगम के पूर्व आरओ मोहनलाल गुप्ता, गुलाल कुंड के नगर निगम के पूर्व वरिष्ठ लिपिक देवीसिंह, पूर्व लिपिक परमानंद सैनी के खिलाफ इस्तगासा किया है। आरोप है कि पिता सोहनलाल का कुंडा रूपराम कोडियान मोहल्ला में प्लाट है, जो 3 नवंबर 1961 को पवन प्रकाश से खरीदा था। नगर परिषद से 22 मार्च 1962 में निर्माण की मंजूरी ली गई थी। उस समय रविंद्र का जन्म भी नहीं हुआ था। वर्ष 1985 में पिता का देहांत हो गया, उस समय रविंद्र छोटा था। बाद में सन 2006 में कागजात संभाले और वर्ष 2007 में उक्त भवन पर पुन: निर्माण की स्वीकृति मां प्रेमवती के नाम से लेने का आवेदन किया। उस समय नगर परिषद के आयुक्त पद पर लक्ष्मीकांत बालोत थे। आरोपियों ने साज करके मंजूरी के आवेदन को खारिज कर दिया, जिसकी सूचना 6 सितंबर 2007 को भेजी गई। रविंद्र व उमेश मुदगल के बीच दीवानी मुकदमे चले हैं। बाद में पता चला कि आयुक्त के फर्जी हस्ताक्षर हैं, जो कि तत्कालीन बालोत ने स्वीकार किया है। बाद में जानकारी हुई कि ये हस्ताक्षर मोहनलाल गुप्ता के हैं, जो आयुक्त के पद पर कभी नहीं रहे। उन्होंने अपने हस्ताक्षर होना स्वीकार कर लिया, आपत्ति जताई तो उन्होंने फटकार कर भगा दिया।

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