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34 साल में भी शुरू नहीं हुआ बस स्टैंड, दान की जमीन वापस मांगी

3 वर्ष पहले
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कुम्हेर रोड पर रोडवेज के बस स्टैंड से प्रशासन कि अनदेखी के चलते 34 साल में भी रोडवेज बसों का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। विभाग कि इस लापरवाही के कारण बस स्टैंड कि दुर्दशा हो रही है। यात्रियों को लिए बने प्रतिक्षालय एवं पूछताछ कार्यालय को लोग भूसा एवं कंड़े रखने के काम में ले रहे है। इधर यात्री कस्बे की चारों दिशाओं में बने अस्थाई बस स्टैंडों पर चक्कर लगाकर थक जाते है। यात्रियों को मजबूरन डग्गेमार वाहनों में यात्रा करनी पड़ती है।

यात्रियों को एक अस्थाई बस स्टैंड से दूसरे अस्थाई स्टैंड पहुंचने के लिए करीब तीन किलोमीटर पैदल चलना पडता है। सरकारी बस स्टैण्ड कि कमी को देखते हुए वर्ष 1984 में नदबई के तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष व कांग्रेस नेता जगदीश प्रसाद शर्मा ने अपनी जमीन बस स्टैण्ड के लिए दान में दी थी। जिसमें भामशाह द्वारा ही बस अड्डे पर सुविधाओं के लिए बस स्टैण्ड भवन जिसमें यात्री प्रतिक्षालय, टिकट खिडकी रूम व एक पूछताछ कार्यालय व पेयजल व्यवस्था के लिए पानी का बोर लगाया था। बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए छायादार वृक्ष व टीन शैड का निर्माण करा कर राज्य सरकार को रोडवेज बस स्टैण्ड के लिए दान किया था। जिसका उद्धाटन प्रदेश के तत्कालीन परिवहन मंत्री जयकिशन शर्मा ने किया था। शुरूआत के कुछ दिन तो बसों का संचालन हुआ था, लेकिन वह मात्र कुछ दिनों तक ही संभव हो पाया और करीब 34 साल बीत जाने के बाद भी रोडवेज बसें कस्बे में चार अलग-अलग जगह बने अस्थाई बस स्टैण्डों से संचालित हो रही हैं। साथ ही प्रशासन कि अनदेखी के चलते सरकारी व प्राइवेट वाहन चालक मनमर्जी से वाहन को कही भी रोककर सवारी उतारते-चढ़ाते हैं।

मैंने कुछ दिन पूर्व ही दोनों डिपो का कार्यभार संभाला है। नदबई में बस स्टैंड है तो वहां जाकर विजिट करुंगा। स्थिति को देखकर संचालित कराया जा सकेगा। -खेमसिंह, मुख्य प्रबंधक लोहागढ़-भरतपुर डिपो।

दो किमी दूर है बस स्टैंड डग्गेमारों की हो रही चांदी

नदबई. बस स्टैंड पर थाप रखे हैं उपले।

पशु बांधकर बस स्टैंड पर कर रखा है कब्जा

फरवरी 2014 में सरकार आपके द्वारा कार्यक्रम कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने परिवहन मंत्री यूनिस खान को बस स्टैण्ड के संचालन के लिए ज्ञापन दिया था। कार्रवाई नहीं होने के कारण इस स्थान को लोगों ने अपने घरेलू उपयोग में लेना शुरू कर दिया है। यहां नजदीक रहने वाले लोगों ने अपने पशु बांधकर या उपले थापकर अस्थाई रूप से कब्जा जमा रखा है।

जमीन वापसी के लिए सरकार को लिखी चिट्ठी

पूर्व नगर पालिका चेयरमैन जगदीश प्रसाद शर्मा के पुत्र दाऊदयाल शर्मा ने बताया कि उनके पिता द्वारा भामाशाह बनकर कस्बे में बस स्टेण्ड संचालित करने के लिए जगह दी। जिस पर रोडवेज बस परिवहन अधिकारीयों ने भामाशाह से कहा था कि सरकार के नियमों के अनुसार बस स्टेण्ड के लिए दान में दी गई जमीन नगर पालिका की देखरेख में दी जाए तभी यहां स्थाई बस स्टेण्ड संचालित हो सकेगा। सरकार के समक्ष पत्र लिखकर अवगत कराया कि बस स्टेण्ड संचालित किया जाए नहीं तो जमीन वापस दे दी जाए।

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