सरस घी डिस्ट्रीब्यूटरों की मोनोपॉली तोड़ने के लिए राजस्थान को ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन (आरसीडीएफ) ने नियम-शर्तों में बदलाव किया है। आरसीडीएफ ने पहले की शर्तों में रखा टर्नओवर को बदलकर नई शर्तों में पहले की राशि का 20 प्रतिशत टर्नओवर कर दिया है। बदली हुई शर्तों के मुताबिक अब नगर निगम क्षेत्र में सरस घी की डिस्ट्रीब्यूटर की डीलरशिप लेने वालों की फर्म का टर्नओवर 2.5 करोड़ रुपए की जगह 50 लाख, नगर परिषद क्षेत्र में 1 करोड़ की जगह 20 लाख, नगर पालिका में 50 लाख की जगह 10 और तहसील स्तर पर 25 लाख की जगह 5 लाख कर दिया है। साथ ही टेंडर भरने की अंतिम तारीख भी बढ़ाकर 28 मई तक कर दी है। एफएमसीजी में न्यूनतम अनुभव 1 साल कर दिया है।
आरसीडीएफ एमडी जाकिर हुसैन ने बताया कि शर्तों को लचीला करने से सरस घी के डिस्ट्रीब्यूटर अधिक संख्या में बन सकेंगे। इससे घी की खपत भी बढ़ेगी। शहर-गांव ढाणी तक के लोगों के पास सरस घी पहुंच सकेगा। उल्लेख है कि प्रदेश में विभिन्न डेयरी में करीब 12 हजार मीट्रिक टन घी रखा हुआ है। इसमें अकेले जयपुर डेयरी में 7 हजार मीट्रिक टन घी रखा हुआ है।