तूफान से 3 मिनट में 200 से अधिक पेड़ उखड़े, बिजली तंत्र ध्वस्त
पश्चिमी विक्षोभ से मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण बुधवार शाम को 60 किमी प्रतिघंटे से शहर में तूफान आया। इसका असर शहर के गुमानपुरा, दादाबाड़ी एरिया में अधिक रहा। तेज अंधड़ और बारिश के साथ शहर के कई इलाकों में 200 से अधिक पेड़ उखड़ गए। होर्डिग्स और टीन-टप्पर और तिरपाल उड़ गए। भामाशाह मंडी में करीब 15 हजार बोरी जिंस भीग गई। अचानक तेज हवा के असर से बिजली तंत्र ध्वस्त हो गया। अचानक पेड़ों के गिरने से बिजली के पोल झुक गए और कई इलाकों में तार टूट गए। जिससे देर रात तक बिजली गुल रही।
मौसम विभाग के अनुसार शाम 4:40 से 5 बजे तक 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चली। इसके बाद तीन मिनट तक तूफान चला। अचानक शाम 4:40 से 4:43 बजे तक तीन मिनट तक चले इस तूफान ने शहर में कोहराम मचा दिया। गुमानपुरा इलाके में तूफान इतना तेज था इस मार्ग में एक दर्जन से सड़क किनारे लगे पेड़ उखड़ गए। इससे बाइक और चार पहिया वाहन दब गए। वाहनों को निकालने के लिए लोग मशक्कत करते रहे। हालांकि इसके असर से जनहानि और भारी नुकसान को लेकर किसी भी तरह की सूचना नहीं है। वहीं, बिजली के तार टूटने से देर रात तक विज्ञान नगर सहित कई इलाकों में बिजली गुल रही। क्षेत्रवासी बिजली का इंतजार करते रहे।
दोपहर बाद पारा 7 डिग्री तक गिरा
मौसम विभाग के अनुसार सुबह और दोपहर 3 बजे तक तेज धूप और लू की स्थिति बनी रही। दोपहर बाद लू तक चलती रही। सुबह जहां 8:30 बजे का पारा 32.8 डिग्री था जो 11:30 बजे 40.6 डिग्री और दोपहर 2:30 बजे बढ़कर 42.4 डिग्री पहुंच गया। लेकिन, अचानक मौसम में आए बदलाव से शाम 5:30 बजे पारा 35.8 डिग्री पहुंच गया।
भास्कर नाॅलेज: मौसम वैज्ञानिक अजीतपाल भाटिया के अनुसार ऐसे तूफान को स्कवाल (झंझावत) कहते हैं। इसमें एक-दो मिनट तक अचानक तेज अंधड़ या तूफान आते हैं। तूफान में हवा की रफ्तार 24 किमी से 60 किमी तक होती है। मौसम विभाग के अनुसार कोटा में महीने के अंत तक यानी 27-28 मई तक मानसून आने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दो दिन तक तेज हवाओं के साथ अंधड़, हवा और बारिश की उम्मीद है।