भरतपुर | राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ द्वारा सिटी फ्लड कंट्रोल ड्रेन (सीएफसीडी) यानी शहर की कच्ची खाई की वर्ष 1955 की स्थिति में बहाल करने के आदेश दिए जाने से शहर में हड़कंप मचा है। क्योंकि अगर आदेश के मुताबिक सीएफसीडी की चौड़ाई 120 फुट की जाती है तो करीब 400 से ज्यादा मकान इसके दायरे में आ जाएंगे, जिन्हें तोड़ना पड़ सकता है। नगर विकास न्यास (यूआईटी) और संबंधित एजेंसियों को इस पर अगले एक महीने में कार्रवाई करनी है।