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स्कूल भवन सुरक्षा प्रमाण पत्र को लेकर उलझे अधिकारी

3 वर्ष पहले
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निजी स्कूलों को नई मान्यता जारी करने से पहले भवनों की सुरक्षा को लेकर दिए जाने वाले प्रमाण पत्र 2 विभागों के अधिकारियों के बीच उलझ कर रह गया है। चौंकाने वाली स्थिति यह है कि नई मान्यता लेने जिले भर से अब तक 105 से ज्यादा आवेदन भवन सुरक्षा प्रमाण पत्र को लेकर डीईओ ऑफिस में आ चुके हैं। लेकिन गंभीर स्थिति यह है कि प्रारंभिक डीईओ द्वारा अब तक भवन सुरक्षा प्रमाण पत्र संबंधित 97 आवेदन पर सत्यापन रिपोर्ट बनाकर पीडब्ल्यूडी एक्सईनों को भिजवाई जा चुकी है। लेकिन अब तक जिले भर से एक भी भवन सुरक्षा प्रमाण पत्र निजी स्कूल संचालकों को जारी नहीं हो पाया है। इधर, जयपुर बैठ रहे राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद के एक्सईन गिरिराज प्रसाद गुप्ता का कहना है कि वह प्रदेश भर में विभाग से जुड़े एकमात्र एक्सईन हैं। ऐसे में पूरे राजस्थान में अकेला वो भवन सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी नहीं कर सकता। इसलिए उन्होंने पीडब्ल्यूडी को लिखा है। नागौर पीडब्ल्यूडी एक्सईन श्रवण कुमार का कहना है कि उनके विभाग से जुड़े उनके पास दुनिया भर के काम है। ऐसे में हम क्या करें। हालांकि जब उनसे पूछा गया कि आप अपनी जिम्मेदारी दूसरों पर कैसे डाल सकते हो? तो उन्होंने कहा मुझे मेरे विभाग की तरफ से आज ही आदेश मिले हैं, आगामी दिनों में भवन सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। जबकि सच्चाई यह है कि मान्यता संबंधित आवेदन के लिए अंतिम तिथि 15 अप्रैल, हैं। इन 3 दिनों में 2 दिन अवकाश भी है। ऐसे में 1 दिन में करीब 105 आवेदनों पर भवन सुरक्षा प्रमाण पत्र एक साथ कैसे जारी होंगे और निजी स्कूल संचालक मान्यता के लिए आवेदन कब कर पाएंगे। मामले को लेकर निजी स्कूल संचालकों ने ऐतराज जताया है। हालांकि प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी रजिया सुल्तान का कहना था उन्होंने सभी आवेदनों पर तुरंत प्रभाव से भवनों की सत्यापन रिपोर्ट तैयार करवा कर सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशाषी अिभयंता को भिजवा दी है। अब भवन सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी कौन करेगा यह जिम्मेदारी उनकी नहीं है।

आरएमएसए के एक्सईएन- मैं प्रदेश में अकेला, पीडब्ल्यूडी एक्सईएन- विभाग में दुनिया भर के काम, हम क्या करें

दो विभागों के बीच उलझन
मामले के अनुसार पहले पीडब्ल्यूडी इंजीनियर ही भवन सुरक्षा प्रमाण-पत्र जारी करते थे, लेकिन इस विभाग ने 9 नवंबर, 2017 को एक परिपत्र जारी कर निर्देश दिए कि निजी स्कूलों के भवन सुरक्षा प्रमाण-पत्र प्रारंभिक शिक्षा परिषद या माध्यमिक शिक्षा परिषद के इंजीनियरों के जरिए बनवाए जाए। साथ ही कहा कि जहां इन दोनों के इंजीनियर नहीं होंगे, वहां डीईओ की सिफारिश पर पीडब्ल्यूडी इंजीनियर बनाकर देंगे। इसके बाद 19 जनवरी को आरएमएसए ने आदेश जारी करके कह दिया कि हमारे पास इतने इंजीनियर नहीं है, इसलिए पूर्व की भांति यह प्रमाण-पत्र पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के जरिए ही बनाए जाएं।

प्रमाण पत्र के बगैर नहीं कर पाएंगे मान्यता के आवेदन

भवन सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी नहीं होने से इन दिनों निजी स्कूल संचालक परेशान हैं कि मान्यता के लिए आवेदन करने की तिथि से पहले उन्हें भवन सुरक्षा प्रमाण-पत्र नहीं मिला तो वे या तो आवेदन नहीं कर पाएंगे। आवेदन कर भी दिया तो उनका आवेदन निरस्त हो जाएगा।‌ वो मान्यता से पहले ही भवन सुरक्षा प्रमाण-पत्र को लेकर दो विभागों के आदेशों में उलझ गए हैं। नई मान्यता के लिए उन्हें 15 अप्रैल तक आवेदन करना है, लेकिन भवन सुरक्षा प्रमाण-पत्र के लिए वे भटक रहे हैं। पीडब्ल्यूडी) और रमसा के अधिकारी इस प्रमाण के लिए एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।

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