फूल: दे जलदाय मंत्री गोयल का किया स्वागत
भास्कर संवाददाता | नागौर/रियांबड़ी
डीडवाना-जायल में 30 अप्रैल को नहरी पानी पहुंचाकर उदघाटन करने का कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का दौरा भी प्रस्तावित है। इस बीच जायजा लेने शुक्रवार को पीएचईडी मंत्री सुरेंद्र गोयल नागौर पहुंचे। नोखा दैय्या में पंप हाउस देख यहां अधिकारियों की बैठक भी ली। मगर प्रथम फेज के मेड़ता व डेगाना में नहरी पानी पूरी तरह नहीं पहुंचा पाने में अधिकारियों की विफलता पर वे कुछ नहीं बोल पाए। इधर, जिले में मंत्री के लंबे अंतराल के बाद हुए दौरे से ठीक 8 घंटे पहले रियां क्षेत्र के धनेरिया लील गांव में महिलाओं ने सड़कों पर कांटे बिछा मटकियां फोड़ी व रास्ते जाम कर दिए। मूंडवा तहसील के पांच गांवों के लोगों ने भी मंत्री को ज्ञापन दे कहा कि उनके गांवों में भी पानी नहीं पहुंच रहा है। चौंकाने वाली बात तो यह भी रही कि जलदाय विभाग के अधिकारियों की जब मीटिंग ली गई तो जिले का कंटीजेंसी प्लान भी शुरू नहीं हो पाने की जानकारी मिली। जलापूर्ति में देरी होते देख मंत्री को यह कहना पड़ा कि पिछली मीटिंग में आपने नहरी पानी पहुंचाने के लिए 15 मार्च का समय लिया था, लेकिन मै आपको 30 मई का समय देता हूं इस दौरान भी पानी पहुंचाने में समय लगा तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पीएचईडी सचिव रजत कुमार मिश्रा ने भी अधिकारियों को फटकार लगाई। एक घंटे की बैठक के बावजूद प्रथम फेज में देरी की समीक्षा नहीं हुई।
मुख्यमंत्री आने वाली है, इसलिए आए हैं
डीडवाना व जायल तक नहरी पानी पहुंच चुका है। सानिवि मंत्री युनूस खान बयान दे चुके हैं कि 30 अप्रैल तक डीडवाना शहर में मीठा पानी पहुंचा देंगे। ऐसे में नहरी परियोजना के द्वितीय फेज के काम की समीक्षा करने पीएचईडी मंत्री सुरेंद्र गोयल शुक्रवार को नागौर आए। इस बीच भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने मंत्री गोयल का फूलों से स्वागत भी किया। हालांकि मंत्री गोयल नागौर में एक घंटे बैठक के अलावा कुछ देर भाजपा पदाधिकारियों के यहां रूके। इसके बाद नोखा दैय्या चले गए। उन्होंने सीएम के प्रस्तावित 30 अप्रैल के दौरे की तैयारियों का भी जायजा लिया।
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लोग कह रहे हैं आप तो आराम से बैठे हो प्यासे तो हम हैं
मेड़ता थानेदार से बोले लोग: आप लोग तो आराम से बैठे रहते हो। गांवों में पानी नहीं पहुंचता तो हम लोग कितने परेशान होते हैं। महिलाओं बच्चों को दूर दूर तक जाकर पानी लाना पड़ रहा है। आक्रोश के वीडियो भी सामने आए हैं।
पानी नहीं मुकदमा मिला: धनेरिया लील में हाइवे जाम के आरोप में जसनगर चौकी प्रभारी भंवरलाल की रिपोर्ट पर शिवलाल, रतनाराम, रामदेव, प्रतापाराम, कानाराम सहित 150 लोगों ने खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।
5 बड़े शहरों के हालात: मकराना प्रदेश का सबसे जल संकट वाला शहर है। लाडनूं, कुचामन में भी प्रदर्शन हो रहे हैं। कुचामन में जल के लिए जंग अभियान चला रखा है।
सीआई के सामने आक्रोश जताते ग्रामीण।
1 घंटे की बैठक, पूछे सिर्फ 3 सवाल
1. मंत्री ने पूछा डीडवाना में नहरी पानी कब तक पहुंचेगा ?
अधिकारी बोले: 30 अप्रैल तक नहीं, पाइप लाइन का काम बाकी है।
2. मकराना-कुचामन को पानी कब तक मिल जाएगा?
जवाब: 15 मई तक पहुंचा देंगे। बीच में सेक्रेटरी मिश्रा बोले। हर बार 2-3 दिन का कह टालते हो, इस बार 28 मई की डेट ले लो।
3. नलकूपों की स्थिति क्या है?
अधिकारी बोले: जिले में 83 नलकूप ही खराब हैं।
(प्रथम फेज के अधूरे काम को लेकर बैठक में चर्चा नहीं हुई)
कांटे:बिछा धनेरिया में रास्ते रोके, मटकियां फोड़ी
आक्रोश:क्योंकि तहसीलदार से जेईएन, किसी ने नहीं सुनी
धनेरिया लील में पानी संकट को लेकर प्रदर्शन व जाम की मुख्य वजह यह रही कि लोग 1 माह से ज्ञापन दे दे कर थक चुके थे। रामचंद्र कमेडिया सहित ग्रामीण महिलाओं ने बताया की सरकारी ट्यूबवेल पर एक माह से पम्पसेट खराब है। अधिकारियों से मांग की। एसडीएम, तहसीलदार को ज्ञापन दिए कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरीवश आंदोलन की राह अपनानी पडी। महिलाएं बच्चों के साथ मिलकर सुबह खाली बर्तन और मटकियां लेे एनएच- 458 पर पहुंची और जाम लगाया। अधिकारियों की खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मटकियां भी फोड़ी गईं।
भास्कर ने पूछा: प्लानिंग में देरी क्यों? मंत्री बोले-इस बार हम पूरे गंभीर हैं
भास्कर: नागौर जिले के मेड़ता, मकराना, लाडनूं, कुचामन में जल संकट के हालात और नहरी परियोजना प्लानिंग लागू होने में देरी क्यों हो रही है?
मंत्री गोयल: डीडवाना जायल में नहरी पानी पहुंच गया है। मकराना व कुचामन में 28 मई तक नहरी पानी पहुंचा देंगे। मेड़ता इलाके में भी काम तेजी से होगा। पूरे जिले में जल्दी नहरी पानी पहुंचेगा।